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Mahaaryaman Scindia: सिंधिया के बेटे ने दिए राजनीति में आने के संकेत, बताया अपने भविष्य का प्लान
Sun, 22 Oct 2023 04:25 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली/भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली/भोपाल
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Sun, 22 Oct 2023 04:25 PM IST
सार
महाआर्यमान सिंधिया का कहना है कि राजनीति में उनके प्रवेश के दरवाजे बंद नहीं हुए हैं और वे किसी स्तर पर इसमें शामिल हो सकते हैं।
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महाआर्यमन अपने पिता ज्योतिरदित्य सिंधिया के साथ।
- फोटो : सोशल मीडिया
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के बेटे महाआर्यमन सिंधिया के राजनीति में आने की अटकलें लगती रही हैं। अब फिर उन्होंने राजनीति में आने के संकेत दिए हैं। उन्होंने पीटीआई को दिए इंटरव्यू में भविष्य की प्लानिंग के बारे में बात की है।
महाआर्यमन की कई तस्वीरें उनके राजनीति में आने का संकेत देती रही हैं।
- फोटो : सोशल मीडिया
पहले इंकार करते रहे
27 साल के आर्यमन ग्वालियर स्थित जयविलास महल में रहते हैं। इस महल में 400 से अधिक कमरे हैं। महाआर्यमन सिंधिया की शुरुआती पढ़ाई पिता ज्योतिरादित्य सिंधिया की तरह दून स्कूल से हुई है। उसके बाद उन्होंने येल यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया है। उनके पास बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप और सॉफ्टबैंक जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ काम करने का भी अनुभव है। पहले कई मौकों पर महाआर्यमन ने राजनीति में आने के सवाल पर इंकार ही किया था। सिंधिया ने परिवार की राजनीतिक वंशावली से अलग होकर स्टार्टअप में हाथ आजमाया था, जिनकी तीन पीढ़ियां सक्रिय राजनीति में रही हैं। उनके पिता नरेंद्र मोदी सरकार में केंद्रीय उड्डयन मंत्री हैं, वहीं उनके दादा स्वर्गीय माधवराव सिंधिया कांग्रेस के दिग्गज नेता थे। उनकी परदादी विजयाराजे सिंधिया एक प्रतिष्ठित भाजपा नेता थीं।
27 साल के आर्यमन ग्वालियर स्थित जयविलास महल में रहते हैं। इस महल में 400 से अधिक कमरे हैं। महाआर्यमन सिंधिया की शुरुआती पढ़ाई पिता ज्योतिरादित्य सिंधिया की तरह दून स्कूल से हुई है। उसके बाद उन्होंने येल यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया है। उनके पास बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप और सॉफ्टबैंक जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ काम करने का भी अनुभव है। पहले कई मौकों पर महाआर्यमन ने राजनीति में आने के सवाल पर इंकार ही किया था। सिंधिया ने परिवार की राजनीतिक वंशावली से अलग होकर स्टार्टअप में हाथ आजमाया था, जिनकी तीन पीढ़ियां सक्रिय राजनीति में रही हैं। उनके पिता नरेंद्र मोदी सरकार में केंद्रीय उड्डयन मंत्री हैं, वहीं उनके दादा स्वर्गीय माधवराव सिंधिया कांग्रेस के दिग्गज नेता थे। उनकी परदादी विजयाराजे सिंधिया एक प्रतिष्ठित भाजपा नेता थीं।
महाआर्यमन सिंधिया ने कहा है कि राजनीति के दरवाजे बंद नहीं हुए हैंं.
- फोटो : सोशल मीडिया
मैं राजनीति में शामिल हो सकता हूं
महाआर्यमन ने उद्यमिता को करियर विकल्प के रूप में चुना है। उन्होंने कहा कि उनकी राजनीति काफी हद तक शैक्षिक विकास और युवाओं के बीच उद्यमशीलता को बढ़ावा देने पर केंद्रित होगी। महाआर्यमन का कहना है कि अगर मैं भविष्य में राजनीति में शामिल होता हूं, तो इसमें एक सहस्राब्दी स्पर्श और एक युवा दृष्टिकोण होना चाहिए। मैंने अर्थशास्त्र का अध्ययन किया है और जो मैंने पढ़ा और समझा है, भारत को वास्तव में युवाओं पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है, ताकि देश अपनी उत्पादकता को मूर्त रूप दे सके। उन्होंने कहा कि हमने (परिवार में) बातचीत की है और मैंने हमेशा समझा है कि आपको कभी भी दरवाजा बंद नहीं करना चाहिए। मैं भविष्य में राजनीति में शामिल हो सकता हूं, लेकिन यह निश्चित रूप से ऐसा कुछ नहीं है जिसके लिए मैं खुद को वर्तमान में राजनीति में देखता हूं। सिंधिया ने कहा कि उनका प्राथमिक ध्यान वर्तमान में अपने व्यवसायों के माध्यम से प्रभाव पैदा करने पर है। अभी मेरी थाली में बहुत कुछ है। मैं अपने देश के बारे में और अधिक जानना चाहता हूं।
महाआर्यमन ने उद्यमिता को करियर विकल्प के रूप में चुना है। उन्होंने कहा कि उनकी राजनीति काफी हद तक शैक्षिक विकास और युवाओं के बीच उद्यमशीलता को बढ़ावा देने पर केंद्रित होगी। महाआर्यमन का कहना है कि अगर मैं भविष्य में राजनीति में शामिल होता हूं, तो इसमें एक सहस्राब्दी स्पर्श और एक युवा दृष्टिकोण होना चाहिए। मैंने अर्थशास्त्र का अध्ययन किया है और जो मैंने पढ़ा और समझा है, भारत को वास्तव में युवाओं पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है, ताकि देश अपनी उत्पादकता को मूर्त रूप दे सके। उन्होंने कहा कि हमने (परिवार में) बातचीत की है और मैंने हमेशा समझा है कि आपको कभी भी दरवाजा बंद नहीं करना चाहिए। मैं भविष्य में राजनीति में शामिल हो सकता हूं, लेकिन यह निश्चित रूप से ऐसा कुछ नहीं है जिसके लिए मैं खुद को वर्तमान में राजनीति में देखता हूं। सिंधिया ने कहा कि उनका प्राथमिक ध्यान वर्तमान में अपने व्यवसायों के माध्यम से प्रभाव पैदा करने पर है। अभी मेरी थाली में बहुत कुछ है। मैं अपने देश के बारे में और अधिक जानना चाहता हूं।
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महाआर्यमन के दो स्टार्टअप चल रहे हैं। माईमंडी उन्होंने अपने मित्र के साथ शुरू किया था।
- फोटो : सोशल मीडिया
पहले माता-पिता को भी संदेह था
राजनीति में अपने परिवार की स्थिति के बजाय उद्यमशीलता को चुनने के लिए किसने उन्हें प्रेरित किया, इस पर उन्होंने कहा कि वह हमेशा किसी और के लिए काम करने के बजाय अपना खुद का व्यवसाय शुरू करना चाहते थे। सिंधिया ने कहा कि उन्हें अपने माता-पिता से समर्थन मिला, लेकिन उन्हें अपना खुद का सेटअप शुरू करने के फैसले पर भी संदेह था। शुरुआत में, मेरे माता-पिता इस विचार से बहुत सहज नहीं थे। वे चाहते थे कि मैं उस कंपनी में जाऊं, जिसके साथ मैं पहले से काम कर रहा था। लेकिन हमारे बीच बातचीत हुई जहां मैंने उन्हें वह मॉडल समझाया जो मैं बनाना चाहता था।
सिंधिया के दो स्टार्टअप चल रहे
बता दें कि इन दिनों महाआर्यमन सिंधिया के दो स्टार्टअप माईमंडी और प्रवास चल रहे हैं। उन्होंने अपने दोस्त सूर्यांश राणा के साथ मिलकर कृषि स्टार्टअप कंपनी माईमंडी की शुरुआत की। माईमंडी के दिसंबर में घाटे में रहने और मार्च में मुनाफे में आने का अनुमान है। स्टार्टअप 20 से 25 प्रतिशत की वृद्धि दर के साथ 2 करोड़ रुपये का मासिक राजस्व हासिल करने की उम्मीद कर रहा है। सिंधिया का दूसरा स्टार्टअप, प्रवास, भोजन, संगीत और संस्कृति के माध्यम से भारत के अनदेखे हिस्सों का पता लगाने के लिए आतिथ्य क्षेत्र में सेवाएं प्रदान करता है।
राजनीति में अपने परिवार की स्थिति के बजाय उद्यमशीलता को चुनने के लिए किसने उन्हें प्रेरित किया, इस पर उन्होंने कहा कि वह हमेशा किसी और के लिए काम करने के बजाय अपना खुद का व्यवसाय शुरू करना चाहते थे। सिंधिया ने कहा कि उन्हें अपने माता-पिता से समर्थन मिला, लेकिन उन्हें अपना खुद का सेटअप शुरू करने के फैसले पर भी संदेह था। शुरुआत में, मेरे माता-पिता इस विचार से बहुत सहज नहीं थे। वे चाहते थे कि मैं उस कंपनी में जाऊं, जिसके साथ मैं पहले से काम कर रहा था। लेकिन हमारे बीच बातचीत हुई जहां मैंने उन्हें वह मॉडल समझाया जो मैं बनाना चाहता था।
सिंधिया के दो स्टार्टअप चल रहे
बता दें कि इन दिनों महाआर्यमन सिंधिया के दो स्टार्टअप माईमंडी और प्रवास चल रहे हैं। उन्होंने अपने दोस्त सूर्यांश राणा के साथ मिलकर कृषि स्टार्टअप कंपनी माईमंडी की शुरुआत की। माईमंडी के दिसंबर में घाटे में रहने और मार्च में मुनाफे में आने का अनुमान है। स्टार्टअप 20 से 25 प्रतिशत की वृद्धि दर के साथ 2 करोड़ रुपये का मासिक राजस्व हासिल करने की उम्मीद कर रहा है। सिंधिया का दूसरा स्टार्टअप, प्रवास, भोजन, संगीत और संस्कृति के माध्यम से भारत के अनदेखे हिस्सों का पता लगाने के लिए आतिथ्य क्षेत्र में सेवाएं प्रदान करता है।
