लखनऊ-वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग पर अमेठी में पूरे प्रेमशाह गांव के पास बुधवार सुबह सड़क किनारे बाइक खड़ी कर रिश्तेदार से बात कर रहे सगे भाइयों समेत तीन लोगों को सुल्तानपुर डिपो की रोडवेज बस ने रौंद दिया। दुर्घटना में सगे भाइयों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके रिश्तेदार ने जिला अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस ने मृतक के चाचा की तहरीर पर बस चालक के खिलाफ केस दर्ज कर बस को कब्जे में ले लिया है। तीन मौतों से गाजनपुर और पूरे बेदई गांव में कोहराम मचा है।
मुसाफिरखाना कोतवाली क्षेत्र के गाजनपुर गांव निवासी मनमोहन तिवारी का बेटा दयावंद (27) व दयावंत (25) बुधवार सुबह बाइक से मुसाफिरखाना बाजार जा रहे थे। रास्ते में पूरे प्रेमशाह गांव के पास दयावंद तिवारी का साढ़ू अजय कुमार शुक्ल (26) पुत्र वासुदेव शुक्ल निवासी पूरे बेदई थाना कुमारगंज, फैजाबाद उन्हें मिल गया। इस पर दोनों भाइयों ने बाइक सड़क किनारे खड़ी कर दी और अजय से बात करने लगे। तभी तेज रफ्तार में जा रही सुल्तानपुर डिपो की रोडवेज बस ने तीनों को चपेट में ले लिया।
हादसे में दयावंद और दयावंत की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अजय गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोगों ने अजय को सीएचसी पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने हालत नाजुक देख उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। परिवारीजन अजय को लेकर जिला अस्पताल सुल्तानपुर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। दूसरी ओर दुर्घटना के बाद चालक बस छोड़कर भाग गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बस कब्जे में ले ली है।
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दुर्घटना
- फोटो : amar ujala
मुसाफिरखाना कोतवाल पारसनाथ सिंह ने बताया कि, मृतक दयावंद के चाचा गिरीश दत्त तिवारी की तहरीर पर बस चालक के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है। बाइक सवार युवकों के पास हेलमेट था।
19 अप्रैल को ही हुई थी दयावंत की शादी
जगदीशपुर। गाजनपुर गांव निवासी दयावंत की 19 अप्रैल को ही सोमनी से शादी हुई थी। घर में तमाम रिश्तेदार ठहरे थे और हंसी-खुशी का माहौल था। इसी बीच छोटे भाई दयावंत के साथ दयावंद बाजार से कुछ जरूरी सामान खरीदने निकला था। शाम को घर में रिश्तेदारों के साथ सभी का भोजन था। जिसकी तैयारी में पूरा परिवार लगा था। किसी को भी ये नहीं पता था कि चंद पल में ही उनकी खुशियां काफूर हो जाएंगी। (परिवार में मचा कोहराम।)