कल जब लालजी पाठक का लड़का बड़ा होगा और उसे जानकारी होगी कि उसका पिता उसके मुंडन का सामान लेने शहर गया था। वापस आते समय पुलिस ने उसके पिता की एनकाउंटर कर हत्या कर दी तब वह लड़का कलम उठाएगा या बंदूक उठाने पर मजबूर होगा। पुलिस अपराधी पैदा करती है।
यह बयान साल 1982 में लोकदल के प्रदेश अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने सभा को संबोधित करते हुए महसी में दिया था। मुलायम के इस बयान के बाद उनकी लोकप्रियता बढ़ गई थी। उस समय काफी संख्या में लोग लोकदल में शामिल हुए थे।
साल 1982 में कैसरगंज के छेदन खां व महसी के लालजी पाठक का पुलिस ने एनकांउटर कर दिया था। परिजनों को ढांढस बंधाने के लिए लोकदल के प्रदेश अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव बहराइच पहुंचे थे।
समाजवादी चिंतक डॉ. राधेश्याम वर्मा बताते है कि कैसरगंज में छेदन खां के परिजनों से मुलायम सिंह यादव ने मुलाकात की थी लेकिन जब वह महसी के लिए रवाना हुए तो उनको महसी बाजार में ही रोक दिया गया। उसके बाद वह वहीं पर एकत्र हुई सभा को संबोधित करने लगे थे। वह बताते हैं कि पुलिस की कार्यशैली से मुलायम सिंह यादव इस कदर नाराज थे कि उन्होंने पुलिस को मानवता सीखने की नसीहत दी थी।
मुलायम ने कहा था कि पुलिस जिस तरह से लोगों को परेशान कर रही है और दो लोगों की हत्या कर एकाउंटर का नाम देकर वाहवाही लूट रही है। पुलिस का यह कार्य अपराधियों को पैदा करेगा। मुलायम सभा को संबोधित करने के बाद वापस गोंडा चले गये थे।
समाजवादी चिंतक बताते हैं कि मुलायम सिंह का यह बयान लोगों के जेहन में बैठ गया। जिससे मुलायम सिंह यादव लोकप्रिय हो गए और लोकदल में जिले के कई हजार लोगों ने लोकदल पार्टी की सदस्यता ली थी।
मुलायम सिंह भारतीय राजनीति के उन नेताओं में थे जिन्हें हर दल के नेता से सम्मान मिला। वह तीन बार प्रदेश के मुख्यमंत्री रहने के अलावा रक्षामंत्री के पद पर भी रहे।