बसपा सुप्रीमो मायावती सपा के सहयोग से खुद राज्यसभा न जाकर अपने भाई और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आनंद कुमार को भेज सकती हैं। इस संबंध में अटकलें तेज हैं।
बसपा से जुड़े एक प्रमुख नेता ने बताया कि पार्टी मुखिया ने तय रणनीति के तहत राज्यसभा की सदस्यता छोड़ी है और भाई आनंद कुमार को पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाकर नंबर दो की पोजीशन दी है। अब वह आनंद को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करना चाहती हैं।
नाम न छापने के आग्रह के साथ इस नेता ने बताया कि बहनजी 2019 के लोकसभा चुनाव और 2022 के विधानसभा चुनाव के मद्देनजर अपना पूरा समय संगठन को देंगी। वह खुद सपा के सहयोग से राज्यसभा नहीं जाएंगी। राज्यसभा के लिए सपा ने बसपा का और विधान परिषद के लिए बसपा ने सपा का समर्थन करने का फैसला किया है। बहनजी ने सपा समर्थित बसपा प्रत्याशी के रूप में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आनंद को प्रत्याशी बनाने का मन बना लिया है।
हालांकि, बसपा सुप्रीमो मायावती ने रविवार को सपा से सियासी संबंधों और राज्यसभा के लिए सपा से सहयोग लेने पर सहमति की बात तो सार्वजनिक की लेकिन राज्यसभा प्रत्याशी का पत्ता नहीं खोला। ऐसे में बसपा के राज्यसभा प्रत्याशी पर लोगों की निगाहें टिकी हैं।
मायावती के भाई आनंद कुमार।