अयोध्या में कार्तिक शुक्ल पूर्णिमा के अवसर पर सोमवार को देव दीपावली का पर्व श्रद्धा, भक्ति एवं उल्लास पूर्वक मनाया गया। सरयू तट पर मां सरयू की 2100 बत्ती की महाआरती हुई। वैदिक मंत्रोच्चारों के बीच हुई महाआरती में भक्तों का उत्साह स्पष्ट नजर आ रहा था। जय श्रीराम, जय सरयू मैया... जैसे गीतों से पूरा सरयू तट गुंजायमान होता रहा।
देव दीपावली के अवसर पर रामनगरी के मंदिरों में विराजमान भगवान के गर्भगृह को भव्यता पूर्वक सजाया गया। रामनगरी में देव दीपावली के पर्व पर सरयू तट दीपों की रोशनी से आलोकित हुआ तो पावन सलिला सरयू की भव्यता शिखर को स्पर्श करती नजर आई। मठ-मंदिरों में जहां दीप जलते दिखे तो वहीं लोगों ने अपने-अपने घरों व प्रतिष्ठानों में भी दीप जलाकर उत्साह प्रकट किया।
सरयू नदी के घाटों से लेकर मठ-मंदिरों में दीपमालाएं सजाई गयीं। इसके साथ ही मां सरयू के नित्य आरती के क्रम में आंजनेय सेवा संस्थान के तत्वाधान में मां सरयू की 2100 बत्ती की महाआरती उतारी गयी तो वहीं संगमरमर के आरती घाट पर सजे दीप व अविरल प्रवाहित सरयू की धारा में दीपों की श्रृंखला अद्भुत आभा बिखेर रही थी।
रामादल के अध्यक्ष पंडित कल्किराम द्वारा भी सरयू में घी के दीपकों को प्रज्वलित कर दीपदान किया गया। इससे पूर्व रामादल आश्रम में श्रीहरिविष्णु जी का आवाहन कर पवित्र विष्णु सहस्रनाम के साथ नारायण कवच का पाठ भी किया गया।
वहीं, गुप्तारघाट पर हजारों दीपों की रोशनी से पूूूरा सरयू तट रोशन नजर आया। इस दौरान मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुनील कुमार सिंह ने भी दीप जलाकर व दीपदान कर देव दीपावली के उत्सव का आनंद उठाया।