लॉकडाउन खुलने के बाद से मोबाइल फोन कारोबार का ट्रेंड बदल गया है। अब सस्ते मोबाइल खूब बिक रहे हैं, लेकिन महंगा मोबाइल खरीदने वाले शोरूम से वापस लौट रहे हैं। वजह, बैंक नए ग्राहकों को फाइनेंस करने से हिचक रहे हैं तो चार्जेज भी महंगे हो गए हैं। हालांकि उन ग्राहकों को फोन फाइनेंस कराने में कोई दिक्कत नहीं हुई, जिनका रिकॉर्ड पहले से अच्छा था। कुल मिलाकर लॉकडाउन के पहले और बाद के कारोबार में कोई फर्क नहीं आया है। पहले भी शहर का महीने का कारोबार 80 करोड़ रुपये का था और अब भी उतना ही है। बदलाव सिर्फ कारोबार के ट्रेंड में ही आया है।
लॉकडाउन के बाद मोबाइल मार्केट का ट्रेंड बदला, सस्ते फोन की मांग बढ़ी, महंगे की बिक्री घटी
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फाइनेंस कराने पर अब 5800 रुपये तक देने होंगे अतिरिक्त चार्ज
नाका के मोबाइल कारोबारी मन्नू तेजवानी ने बताया कि जो ग्राहक फाइनेंस के जरिये महंगे मोबाइल खरीद रहे थे, उनपर दोहरी मार पड़ गई है। फाइनेंस कराने में मुश्किल तो आ ही रही है, अब फाइनेंस महंगा भी हो गया है। कंपनियों ने फाइनेंस के लिए प्रोसेसिंग फीस के साथ अब 399 रुपये फाइल चार्ज भी लागू कर दिया है। इसके साथ इंश्योरेंस को भी अनिवार्य कर दिया है।
फोन की कीमत के मुताबिक, 30 हजार से एक लाख रुपये तक के फोन पर इंश्योरेंस तीन कैटेगरी में लागू किया गया है। पहले कैटेगरी में 2500, दूसरे में 3500 रुपये और तीसरे में 5400 रुपये इंश्योरेंस चार्ज रखा गया है। ऐसे अब महंगा फोन फाइनेंस कराने पर 2900 रुपये से 5800 रुपये तक अतिरिक्त चार्ज देने पड़ेंगे।
रोजाना 12 में से 10 फाइनेंस के केस रिजेक्ट
लखनऊ मोबाइल एसोसिएशन के अध्यक्ष नीरज जौहर ने बताया कि फाइनेंस कंपनियों की ओर से फाइनेंस की सुविधा खत्म किए जाने से कारोबार प्रभावित हुआ है। उनके शोरूम के कंपनियों को मोबाइल फाइनेंस के अगर रोजाना 12 केस जाते हैं, तो उनमें से 10 रिजेक्ट हो जाते हैं। इससे जो ग्राहक मोबाइल खरीदने शोरूम आते हैं, वे निराश होकर लौट रहे हैं।
कीमतों में 20 फीसदी तक की बढ़ोतरी
गोमतीनगर के पत्रकारपुरम के मोबाइल कारोबारी राजिंदर सिंह ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान ऑनलाइन पढ़ाई का सिलसिला शुरू हुआ। शोरूम खुले तो मोबाइल की बिक्री में जबरदस्त उछाल आया। खास तौर पर इंजीनियरिंग छात्रों ने खूब मोबाइल खरीदे। इससे डिस्ट्रीब्यूटर्स वेयरहाउस रिटेलर के पास से मोबाइल का स्टॉक खत्म हो गया। इस पर कंपनियों ने मोबाइल की कीमतों में 20 फीसदी तक की बढ़ोतरी कर दी है।
स्टॉक खत्म होने से कारोबार को नुकसान
सहारा प्लाजा के कारोबारी आनंद सिंह ने बताया कि लॉकडाउन के बाद से बाजार में मोबाइल के खरीदार खूब आते हैं, लेकिन इन ग्राहकों को उनकी पसंद का मोबाइल नहीं मिल रहा है। ग्राहक जिन चार कंपनियों के मोबाइल खरीदना चाहते हैं, उनका रिटेलर के पास स्टॉक नहीं है, जिससे कारोबार को नुकसान हो रहा है।