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लॉकडाउन के बाद मोबाइल मार्केट का ट्रेंड बदला, सस्ते फोन की मांग बढ़ी, महंगे की बिक्री घटी

Sun, 14 Jun 2020 07:37 PM IST
ishwar ashish नरेश शर्मा, अमर उजाला, लखनऊ
नरेश शर्मा, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Sun, 14 Jun 2020 07:37 PM IST
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Condition of mobile market in Lucknow.
- फोटो : amar ujala

लॉकडाउन खुलने के बाद से मोबाइल फोन कारोबार का ट्रेंड बदल गया है। अब सस्ते मोबाइल खूब बिक रहे हैं, लेकिन महंगा मोबाइल खरीदने वाले शोरूम से वापस लौट रहे हैं। वजह, बैंक नए ग्राहकों को फाइनेंस करने से हिचक रहे हैं तो चार्जेज भी महंगे हो गए हैं। हालांकि उन ग्राहकों को फोन फाइनेंस कराने में कोई दिक्कत नहीं हुई, जिनका रिकॉर्ड पहले से अच्छा था। कुल मिलाकर लॉकडाउन के पहले और बाद के कारोबार में कोई फर्क नहीं आया है। पहले भी शहर का महीने का कारोबार 80 करोड़ रुपये का था और अब भी उतना ही है। बदलाव सिर्फ कारोबार के ट्रेंड में ही आया है।



लॉकडाउन से पहले राजधानी में रोजाना लगभग ढाई हजार मोबाइल बिकते थे, इनमें दो हजार मोबाइल पांच हजार से 12 हजार रुपये वाले और पांच सौ महंगे मोबाइल 15 हजार से एक लाख रुपये वाले थे। जो महंगे मोबाइल पहले बिक रहे थे, उनमें 90 प्रतिशत खरीदार फाइनेंस कराते थे। यह सेल खास तौर पर मोबाइल के करीब सौ बड़े शोरूमों में लगती थी। इनमें से महंगे मोबाइल बेचने का हब हजरतगंज के अशोक मार्ग स्थित श्रीराम टावर है।

लखनऊ मोबाइल एसोसिएशन के अध्यक्ष नीरज जौहर के मुताबिक, वर्तमान में आठ सौ शोरूम व दुकानों के कारोबारी सस्ते और महंगे तीन हजार मोबाइल रोजाना बेच रहे हैं। इसकी वजह लॉकडाउन के दौरान ऑनलाइन शुरू हुई पढ़ाई है। इन तीन हजार मोबाइल में सौ मोबाइल ही महंगे बिक रहे हैं, जिनकी कीमत 15 हजार से एक लाख रुपये है। इनमें भी एक लाख कीमत के चार से पांच मोबाइल ही शामिल है, जबकि 2900 मोबाइल पांच हजार से 12 हजार रुपये वाले बिक रहे हैं। ऐसे मोबाइल सर्वाधिक नाका बाजार से बिकते हैं।

सेकंड हैंड मोबाइल की खरीद-फरोख्त ठप
कारोबारियों ने बताया कि लॉकडाउन के बाद से सेकंड हैंड मोबाइल की खरीद फरोख्त भी ठप है। अधिकतर कंपनियों ने अब तक मोबाइल के नए मॉडल मार्केट में नहीं उतारे हैं। इससे जो शौकीन 30 से 40 हजार रुपये का मोबाइल खरीदकर छह माह के बाद उसे बेचकर नया खरीदते थे, वे बाजार में नहीं आ रहे हैं, जबकि बाजार में सेकंड हैंड मोबाइल के खरीदार रोजाना आते हैं।

Condition of mobile market in Lucknow.
मन्नू तेजवानी। - फोटो : amar ujala

फाइनेंस कराने पर अब 5800 रुपये तक देने होंगे अतिरिक्त चार्ज
नाका के मोबाइल कारोबारी मन्नू तेजवानी ने बताया कि जो ग्राहक फाइनेंस के जरिये महंगे मोबाइल खरीद रहे थे, उनपर दोहरी मार पड़ गई है। फाइनेंस कराने में मुश्किल तो आ ही रही है, अब फाइनेंस महंगा भी हो गया है। कंपनियों ने फाइनेंस के लिए प्रोसेसिंग फीस के साथ अब 399 रुपये फाइल चार्ज भी लागू कर दिया है। इसके साथ इंश्योरेंस को भी अनिवार्य कर दिया है।

फोन की कीमत के मुताबिक, 30 हजार से एक लाख रुपये तक के फोन पर इंश्योरेंस तीन कैटेगरी में लागू किया गया है। पहले कैटेगरी में 2500, दूसरे में 3500 रुपये और तीसरे में 5400 रुपये इंश्योरेंस चार्ज रखा गया है। ऐसे अब महंगा फोन फाइनेंस कराने पर 2900 रुपये से 5800 रुपये तक अतिरिक्त चार्ज देने पड़ेंगे।

Condition of mobile market in Lucknow.
नीरज जौहर। - फोटो : amar ujala

रोजाना 12 में से 10 फाइनेंस के केस रिजेक्ट
लखनऊ मोबाइल एसोसिएशन के अध्यक्ष नीरज जौहर ने बताया कि फाइनेंस कंपनियों की ओर से फाइनेंस की सुविधा खत्म किए जाने से कारोबार प्रभावित हुआ है। उनके शोरूम के कंपनियों को मोबाइल फाइनेंस के अगर रोजाना 12 केस जाते हैं, तो उनमें से 10 रिजेक्ट हो जाते हैं। इससे जो ग्राहक मोबाइल खरीदने शोरूम आते हैं, वे निराश होकर लौट रहे हैं।

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Condition of mobile market in Lucknow.
राजिंदर सिंह। - फोटो : amar ujala

कीमतों में 20 फीसदी तक की बढ़ोतरी
गोमतीनगर के पत्रकारपुरम के मोबाइल कारोबारी राजिंदर सिंह ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान ऑनलाइन पढ़ाई का सिलसिला शुरू हुआ। शोरूम खुले तो मोबाइल की बिक्री में जबरदस्त उछाल आया। खास तौर पर इंजीनियरिंग छात्रों ने खूब मोबाइल खरीदे। इससे डिस्ट्रीब्यूटर्स वेयरहाउस रिटेलर के पास से मोबाइल का स्टॉक खत्म हो गया। इस पर कंपनियों ने मोबाइल की कीमतों में 20 फीसदी तक की बढ़ोतरी कर दी है।

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Condition of mobile market in Lucknow.
आनंद सिंह। - फोटो : amar ujala

स्टॉक खत्म होने से कारोबार को नुकसान
सहारा प्लाजा के कारोबारी आनंद सिंह ने बताया कि लॉकडाउन के बाद से बाजार में मोबाइल के खरीदार खूब आते हैं, लेकिन इन ग्राहकों को उनकी पसंद का मोबाइल नहीं मिल रहा है। ग्राहक जिन चार कंपनियों के मोबाइल खरीदना चाहते हैं, उनका रिटेलर के पास स्टॉक नहीं है, जिससे कारोबार को नुकसान हो रहा है।

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