पुलिस कमिश्नर की नसीहत उनके मातहतों ने नींद में उड़ा दी। मौका था गोमतीनगर स्थित पुलिस हेल्पलाइन मुख्यालय (112) में महिला सुरक्षा पर पुलिस की संवेदनशीलता को लेकर जागरूकता कार्यक्रम का।
इस दौर पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडेय अपने मातहतों को महिला सुरक्षा पर नसीहत दे रहे थे। उधर, उनके महकमे के कुछ अफसर मोबाइल में व्यस्त थे तो कुछ नींद की झपकियां लेते देखे गए। आगे देखें तस्वीरें:
पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडेय ने अपने संबोधन में कहा, अपराध की शिकार हर महिला के साथ अब एक महिला पुलिसकर्मी तैनात रहेगी। वह पीड़िता को कानूनी सहायता, सामाजिक सुरक्षा और भावनात्मक सहयोग देगी। (कार्यक्रम में मौजूद पुलिसकर्मी।)
पुलिस कमिश्नर ने कहा कि अपराध की शिकार महिला की कई निजी समस्याएं भी होती हैं, जिसे वह हर किसी से साझा नहीं कर पातीं। कई बार कानूनी मदद मांगने में भी संकोच करती हैं, जिससे पैरवी में दिक्कत आती है। साथी अभियान से यह समस्या दूर करने का प्रयास किया गया है। (इस दौरान कई पुलिसकर्मी झपकी लेते देखे गए।)
यह अभियान एक पीड़िता, एक पुलिसकर्मी की संकल्पना पर आधारित है। यानी हर पीड़िता के साथ एक महिला पुलिसकर्मी को तैनात किया जाएगा। वह अपराध की शुरुआत से पुलिस की अंतिम कार्रवाई तक पीड़िता के साथ रहेगी। कहा कि अक्सर पुलिसकर्मियों के बदलने से पीड़िताओं को बार-बार समस्या दोहरानी पड़ती है। एक महिला पुलिसकर्मी साथ रहने से यह समस्या खत्म हो जाएगी। (पुलिस कमिश्नर के भाषण के दौरान एक पुलिसकर्मी। )
एडीजी ने कहा कि लखनऊ को ऐसा शहर बनाना है, जहां किसी भी उम्र की महिलाएं किसी भी वक्त किसी भी साधन से, कैसे भी कपड़े पहनकर किसी के साथ या अकेले बिना किसी डर के आ-जा सकें। उन्होंने संकल्प किया कि किसी भी तरह के शोषण, लैंगिक, निंदा या प्रताड़ना की सूचना मिलती है तो हेल्पलाइन को सूचना देकर कानूनी कार्रवाई शुरू कराएंगे। (इसी समय एक अफसर मोबाइल पर व्यस्त था।)