किसी को भी गुस्सा आना स्वाभाविक है, लेकिन इसके कारण कई बार हम अपना ही नुकसान कर बैठते हैं। ऐसे मेंक्रोध पर नियंत्रण जरूरी है। कई बार गुस्से पर नियंत्रण से संबंधों में दरार आने से भी बचाई जा सकती है। गुस्से पर कैसे करें नियंत्रण बता रही हैं मनोवैज्ञानिक डॉ. सृष्टि श्रीवास्तव।
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डॉ सृष्टि श्रीवास्तव प्रधानाचार्य नवयुग कॉलेज
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आपको छोटी-छोटी बात पर गुस्सा आता है तो इसका अर्थ है कि कोई न कोई कारण जरूरी है, जिसे आप ढूंढ नहीं पा रहे हैं। जरूरी है कि गुस्सा क्यों आता है, इसका कारण ढूंढें। पहले जब आपने गुस्सा किया था तो उससे क्या-क्या नुकसान हुआ? किसी का दिल दुखा था? किसी से संबंध खराब हुए थे क्या? इन बातों पर शांत मन से विचार करें।
अगली बार जब आपको गुस्सा आएगा तो आप खुद के आवेश पर नियंत्रण कर पाएंगे। अपनी इच्छा को प्रबल करें। दृढ़ निश्चय करें कि कुछ भी हो जाए गुस्सा नहीं करेंगे। जिन कारणों पर आपको गुस्सा आता है, समझने की कोशिश करें और परिस्थितियों में सामंजस्य बैठाने की कोशिश करें। माफ करना और माफी मांगना सीखिए, इससे गुस्सा कम आएगा और आया तो काबू कर पाएंगे।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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व्यायाम है फायदेमंद
गुस्से को कम करने के लिए आप व्यायाम भी कर सकते हैं या फिर गहरी सांस लें या 1 से 10 तक गिनें। प्रतिदिन घूमने, व्यायाम करने, डांस करने, कोई गेम खेलने जैसी एक्टिविटीज में हिस्सा लें। खुशी गुस्से को दूर करती है, इसलिए अधिक से अधिक खुश रहने की आदत डालें। गुस्सा रोकने के लिए आवश्यक है कि ध्यान कहीं और लगाएं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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जब गुस्सा आ रहा हो तो उस जगह से चले जाएं। वहां रहेंगे तो गुस्सा और बढ़ेगा। वहां से चले जाने पर ध्यान झगड़े से हट जाएगा। गुस्से में कदम उठाने के बाद उसके परिणाम भी भुगतने पड़ते हैं। इसलिए गुस्से में कुछ करने से पहले बाद में होने वाले परिणामों के बारे में सोचने की कोशिश करें।