Yoga Tips: मानसिक और शारीरिक सेहत के लिए योगासन फायदेमंद है। नियमित तौर पर योगासन का अभ्यास शरीर को लचीला, बीमारियों से दूर और इम्यूनिटी को मजबूत बनाता है। योग बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी के लिए फायदेमंद है। लोग योग के इन्हीं फायदों को जानते हैं, इसलिए घर पर ही बिना पूरी जानकारी के योग का अभ्यास करने लगते हैं। हालांकि योग करते समय जाने अनजाने कई गलतियां भी कर जाते हैं, जो उनके सेहत को नुकसान पहुंचा सकती है। बुजुर्गों को तो योग करते समय खास ख्याल रखना चाहिए और योगासन के दौरान होने वाली गलतियों से बचना चाहिए। इसलिए बढ़ती उम्र में योग करते समय कुछ बातों का विशेष ध्यान रखें ताकि योगासन के अभ्यास का संपूर्ण लाभ मिल सके और किसी तरह का कोई नुकसान न पहुंचे।
Yoga Tips: योगासन करते समय भूलकर भी न करें ये गलतियां, बुजुर्ग रखें विशेष ख्याल
योग से पहले वॉर्म अप
व्यायाम से पहले वार्म अप किया जाता है, लेकिन कम लोगों को पता होता है कि योग से पहले भी वार्म अप करना चाहिए। अधिक आयु के लिए लोगों के लिए वार्म अप करना बहुत जरूरी है। बिना वार्म अप योग या व्यायाम करने पर चोट लग सकती है। वहीं शरीर लचीला और फुर्तीला बनता है। इससे योग के अलग अलग पोस्चर करते समय हड्डियों और अन्य अंगों में चोट लगने से बचाव होता है। साथ ही शरीर में थोड़ी गर्मी आती है।
सरल योग से करें शुरुआत
कई बार लोग अच्छी सेहत के लिए कठिन योगासनों को चयन कर लेते हैं। ऐसे योग आपके शरीर को स्ट्रेच करने में कठिनाई लाते हैं और शरीर को परेशानी होने लगती है। अधिक उम्र के लिए तो यह चोट लगने का कारण भी बन सकता है। इसलिए शुरुआत सरल योगासनों और अपनी शारीरिक क्षमताओं के मुताबिक ही करें। बुजुर्गों को योगासन की शुरुआत सुखासन, दंडासन और अनुलोम-विलोम से करनी चाहिए।
योग से पहले खा लें
अक्सर लोग योग और व्यायाम खाली पेट करते हैं। हालांकि योगासन करते समय पूरी तरह के पेट खाली न रखें। सुबह के समय योग कर रहे हैं तो पहले कुछ कार्ब्स का सेवन कर सकते हैं। इससे शरीर को एनर्जी मिलती है और योग करने में मदद मिलती है। बहुत अधिक पेट भर कर नहीं लेकिन कुछ मात्रा में खाकर ही योगासन करें।
योगाभ्यास की गति
योग करते समय ध्यान रखें कि बहुत तेज अभ्यास न करें। इससे मांसपेशियों में थकान महसूस होने लगती है और सांस संबंधी समस्या भी महसूस हो सकती है। योग श्वास संबंधी क्रिया है, जिसे करते समय सांस पर ध्यान केंद्रित किया जाता है। इसलिए योग करते समय गति इतनी हो कि आराम से श्वास ले और छोड़ सकें।