Eveing Yoga Asanas After Office Work: योगासन मानसिक और शारीरिक सेहत के लिए लाभकारी है। हालांकि कई बार लोगों के पास सुबह के समय योगाभ्यास का समय नहीं रहता। शाम के वक्त जब कॉलेज या दफ्तर से घर वापस आते हैं तो वह योगासन करना चाहते हैं लेकिन इस असमंजस में रहते हैं कि क्या शाम या रात में योगासन करना लाभकारी होगा। इसका अच्छा असर पड़ेगा? योग विज्ञान के मुताबिक, दिन को चार भागों में बांटा गया है, ब्रह्म मुहूर्त, सूर्योदय, दोपहर और सूर्यास्त। वैसे तो सुबह के समय योगाभ्यास को सबसे बेहतर समय माना जाता है लेकिन अलग अलग समय पर भी योग कर सकते हैं। सुबह के बजाए आप शान को भी योग कर सकते हैं। शाम के समय योग करते समय आपको उतनी दिक्कत भी नहीं होती, जितना सुबह के समय होती है। इसका कारण है कि दिनभर आप कई तरह की एक्टिविटी करते हैं, जिससे शरीर का वार्म अप हो जाता है। वार्म अप के बाद योग या व्यायाम करना आसान हो जाता है। इससे रात में अच्छी नींद भी आती है और शरीर अच्छे से डिटॉक्सीफाई हो जाता है। आइए जानते हैं कि सुबह समय न मिलने पर शाम को कौन से योगासनों को कर सकते हैं और इसके क्या लाभ हैं।
Yoga Tips: सुबह नहीं मिलता समय तो दफ्तर से लौटकर शाम में करें इन योगासनों का अभ्यास
पश्चिमोत्तानासन
शाम के समय आसानी से पश्चिमोत्तानासन का अभ्यास किया जा सकता है। इस योग के अभ्यास से हड्डियों में लचीलापन और पेट की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। पेट की चर्बी कम करने और पाचन तंत्र को सही रखने के लिए यह योगासन असरदार है। अनिद्रा व तनाव की समस्या भी दूर होती है। दिन भी दफ्तर पर लगातार कुर्सी पर बैठकर काम करने वाले लोगों की पीठ व रीढ़ की हड्डी को मजबूत करने के लिए पश्चिमोत्तानासन का अभ्यास किया जा सकता है।
त्रिकोणासन
दफ्तर में काम करते करते अक्सर लोगों की गर्दन, पीठ, कमर में दर्द होने लगता है। शरीर अकड़ जाता है। वहीं महिलाएं भी दिनभर के काम के बाद थकान व पैरों में दर्द की शिकायत से परेशान हो जाती हैं। ऐसे लोगों के लिए शाम के वक्त त्रिकोणासन का अभ्यास काफी फायदेमंद हो सकता है। इस योग से पाचन तंत्र भी ठीक हो सकता है। पेट की चर्बी और मोटापा कम करने के लिए शाम को वक्त निकालकर त्रिकोणासन का अभ्यास करें।
उत्तानासन
शरीर की इम्यूनिटी को मजबूत रखने के लिए उत्तानासन फायदेमंद है। इस आसन के अभ्यास से पीठ, कमर, पिंडली और टखनों को अच्छे से स्ट्रेच किया जाता है जो शरीर को लचीला बनाता है और दिमाग को शांत रखने व तनाव से राहत दिलाने में मदद करता है।
शाम को योगाभ्यास करते समय रखें इन बातों का ध्यान
- अगर आप शाम के वक्त योगासन का अभ्यास करते हैं तो ध्यान रखें कि योग करने के समय और भोजन के बीच कम से कम एक घंटे का समय हो। खाना खाने के तुरंत बाद योग करने से पेट दर्द या अपच की शिकायत हो सकती है। योग के एक घंटे बाद ही कुछ खाना चाहिए।
- शाम में योग करते समय पानी पीने का भी नियम है। योगाभ्यास से आधे या एक घंटे पहले पानी पी लें। योग के तुरंत पहले, बीच में या तुरंत बाद बहुत सारा पानी नहीं पीना चाहिए। अगर बहुत अधिक प्यास लगे तो दो से तीन घूंट पानी पी सकते हैं लेकिन इससे अधिक पानी न पीएं।
- शाम को योग करना चाहते हैं तो तीन से पांच बजे का समय परफेक्ट होता है। क्योंकि अधिक देरी से योग करने पर आप अभ्यास के तुरंत बात सो जाते हैं, जिससे शरीर को फायदा नहीं मिल पाता।