अध्ययनों में स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को, शरीर को स्वस्थ रखने के लिए पौष्टिक आहार के साथ अच्छी नींद लेने की सलाह देते हैं। शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन लोगों की रात की नींद पूरी नहीं होती है, उनमें समय के साथ हृदय रोग और कई प्रकार की मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के विकसित होने का जोखिम अधिक होता है। नींद पूरी न होने से थकान और काम की गुणवत्ता पर भी नकारात्मक असर हो सकता है। लगातार बनी रहने वाली यह समस्या चिंता-तनाव विकारों का भी कारण बन सकती है। यही कारण है कि सभी लोगों को अच्छी नीद प्राप्त करने के निरंतर उपाय करते रहने चाहिए।
Yoga Tips: अच्छी नींद से शारीरिक-मानसिक दोनों स्वास्थ्य रहता है बेहतर, ये योगासन नींद विकारों को करते हैं दूर
मार्जरी आसन के अभ्यास से पा सकते हैं लाभ
नींद विकारों को दूर करने और नींद की गुणवत्ता में सुधार करने के लिए मार्जरी आसन के अभ्यास को स्वास्थ्य विशेषज्ञ विशेष लाभकारी मानते हैं। कैट-काऊ पोज के नाम से विख्यात यह योग शरीर और मन दोनों को आराम देता है जिससे अच्छी नींद प्राप्त करने में मदद मिल सकती है। यह रक्त परिसंचरण में भी सुधार करने के साथ दिमाग को आराम देने वाला अभ्यास है। रीढ़ को लचीला बनाने, शरीर की बेहतर स्ट्रेचिंग और पाचन अंगों को स्वस्थ रखने में भी यह फायदेमंद है।
बालासन से नींद में सुधार
नींद की गुणवत्ता को बेहतर करने के लिए विशेषज्ञ चाइल्ड पोज या बालासन को भी प्रभावी अभ्यास के तौर पर देखते हैं। मानसिक शांति को बढ़ावा देने के साथ तनाव-चिंता विकारों को दूर करने वाले इस योगाभ्यास से अच्छी नींद प्राप्त करने में मदद मिलती है। इसके अलावा यह योग पीठ को आराम देने, तंत्रिका तंत्र को शांत करने में भी विशेष फायदेमंद है। इससे सिर में रक्त के संचार को भी ठीक किया जा सकता है।
अच्छी नींद के लिए इन बातों का भी रखें ख्याल
- देर शाम को भस्त्रिका प्राणायाम नहीं करना चाहिए। ये शरीर को ऊर्जावान बनाने वाला अभ्यास है जिससे नींद दूर भागती है।
- सोने से पहले ध्यान करें या योग निद्रा का अभ्यास करें। इससे दिमाग को आराम मिलेगा और अच्छी नींद में मदद मिलेगी।
- अच्छी नींद के लिए आहार की पौष्टिकता का विशेष ध्यान रखें।
- प्राणायाम के अभ्यास से मानसिक शांति को बढ़ावा मिलता है जिससे नींद की गुणवत्ता को सुधारा जा सकता है।
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नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।
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