डायबिटीज का खतरा हर उम्र के लोगों के लिए बढ़ता जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में देखा गया है कि 40 से कम उम्र के लोगों के अलावा बच्चों में भी डायबिटीज का जोखिम हो सकता है। इस तरह के खतरे को ध्यान में रखते हुए सभी लोगों को इस गंभीर रोग से बचाव करते रहना आवश्यक हो जाता है। शोधकर्ताओं ने पाया कि लाइफस्टाइल में गड़बड़ी विशेषकर शारीरिक निष्क्रियता के कारण मधुमेह के विकसित होने और इसकी जटिलताओं का खतरा काफी बढ़ जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, इस तरह की समस्याओं से बचाव करते रहने के लिए दिनचर्या में योगासनों को शामिल करना बेहतर विकल्प हो सकता है।
World Diabetes Day 2023: योग के अभ्यास से कम होती हैं डायबिटीज की जटिलताएं, इन आसनों से पा सकते हैं लाभ
धनुरासन (बो पोज का अभ्यास)
डायबिटीज से बचाव या फिर इसकी गंभीर जटिलताओं को कम करने के लिए नियमित रूप से धनुरासन योग के अभ्यास को स्वास्थ्य विशेषज्ञ काफी लाभकारी मानते हैं। इस योग से शरीर की बेहतर स्ट्रेचिंग के साथ अग्न्याशय को मजबूत बनाने और इसके कार्यों को बेहतर करने में फायदा मिल सकता है। अग्न्याशय, इंसुलिन हार्मोन का उत्पादन करने वाला अंग है। इसके अलावा इस योग से पेट की मांसपेशियों को मजबूत करने, पाचन को बढ़ावा देने और रक्त के संचार को ठीक रखने में भी विशेष लाभ पाया जा सकता है।
विपरीत करणी योग से मिलता है लाभ
विपरीत करणी योग को लेग अप द वॉल पोज के रूप में भी जाना जाता है, जो शरीर के लिए कई प्रकार से लाभकारी हो सकती है। यह अभ्यास भी अग्न्याशय और पेट के अंगों को उत्तेजित करने में सहायक है। यह मुद्रा ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। इस योग के नियमित रूप से अभ्यास करने से रक्तचाप को नियंत्रित करने और रक्त परिसंचरण में सुधार करने और ऊर्जा के स्तर को बेहतर बनाए रखने में भी लाभ पाया जा सकता है। विपरीत करणी योग का अभ्यास शरीर के लिए कई प्रकार से लाभकारी माना जाता है।
पश्चिमोत्तानासन योग की बनाएं आदत
पैरों की सीधा रखते हिए आगे की ओर झुकने वाले इस योग के अभ्यास को डायबिटीज के रोगियों के लिए कई प्रकार से लाभकारी माना जाता है। पेट और पैल्विक अंगों को टोन करने और शारीरिक मुद्रा को ठीक रखने में इस योग के लाभ हो सकते हैं। पश्चिमोत्तानासन योग का अभ्यास रक्त शर्करा को बढ़ने से रोकने में मदद करता है, इसके तनाव प्रबंधन में भी विशेष लाभ देखे गए हैं। सभी उम्र के लोग इस योग को करके विशेष लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
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नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।
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