शरीर को बेहतर ढंग से काम करते रहने के लिए पर्याप्त रूप से शक्ति और ऊर्जा की आवश्यकता होती है। विशेषज्ञ बताते हैं कि शरीर की शक्ति को बढ़ाने के लिए पौष्टिक आहार के साथ नियमित रूप से व्यायाम की आदत बनाना आवश्यक माना जाता है। ऐसे में बड़ा सवाल यह भी खड़ा होता है कि क्या योगासनों का अभ्यास करके भी शरीर की शक्ति और सहनशीलता को बढ़ाया जा सकता है?
Yoga Tips: क्या जिम की तरह योगासनों से भी बढ़ती है शारीरिक शक्ति? जानिए किन अभ्यास को कारगर मानते हैं विशेषज्ञ?
वीरभद्रासन योग के अभ्यास की बनाएं आदत
वीरभद्रासन योग शारीरिक शक्ति को बढ़ावा देने वाले अभ्यास में से एक है। यह कूल्हों और कंधों की बेहतर स्ट्रेचिंग करने के साथ बाजुओं को टोन करके छाती को फैलाता है और फेफड़ों की क्षमता बढ़ाने वाले अभ्यास में से एक है। छाती की मांसपेशियों को मजबूती देने के साथ शारीरिक शक्ति को बढ़ावा देने के लिए वीरभद्रासन योग के अभ्यास की आदत आपके लिए विशेष लाभकारी हो सकती है।
चाइल्ड पोज योग
चाइल्ड पोज योग जिसे बालासन के नाम से भी जाना जाता है। यह वैसे तो हल्के तीव्रता वाला अभ्यास है पर इससे संपूर्ण शरीर को कई तरह के लाभ हो सकते हैं। यह अभ्यास शरीर और मन दोनों की शक्ति को बढ़ाने के साथ शरीर की बेहतर स्ट्रेचिंग और रक्त संचार को ठीक रखने में सहायक माना जाता है। चाइल्ड पोज के अभ्यास की आदत मानसिक स्वास्थ्य में भी आपके लिए विशेष कारगर साबित हो सकती है।
अधोमुख शवासन योग
अधोमुख शवासन योग सिर से लेकर पैरों तक की स्ट्रेचिंग और शरीर की शक्ति को बढ़ाने वाला कारगर योगाभ्यास माना जाता है। हैमस्ट्रिंग और पैरों से लेकर कंधों को खोलने और पूरे शरीर में रक्त के संचार को व्यवस्थित बनाए रखने के लिए इस योग के अभ्यास की आदत बनाना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। यह अपेक्षाकृत कठिन अभ्यास है ऐसे में आपको प्रशिक्षण की आवश्यकता हो सकती है।
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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
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