Yoga for Beginners: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग खुद को फिट और तनावमुक्त रखने के लिए योग का सहारा ले रहे हैं। खासकर सुबह के समय कुछ मिनट योग करने की आदत शरीर और मन दोनों के लिए अच्छी दिनचर्या का हिस्सा बन सकती है। लेकिन योग शुरू करना जितना आसान लगता है, उसे सही तरीके से करना उतना ही जरूरी है। कई लोग उत्साह में पहले ही दिन कठिन आसन करने लगते हैं, लंबे समय तक योग करते हैं या किसी दूसरे व्यक्ति का लचीलापन देखकर उसी तरह शरीर को मोड़ने की कोशिश करते हैं। यही जल्दबाजी कई बार परेशानी की वजह बन सकती है।
योग टिप्स: योग शुरू करते ही ये गलती कर रहे हैं? फायदे की जगह हो सकता है नुकसान!
Beginner Yoga Tips: योग के दौरान सांस लेने की तकनीक भी उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी आसन की पाॅजिशन। कई शुरुआती लोग आसन पर ध्यान देते-देते सांस रोक लेते हैं या बहुत तेज सांस लेने लगते हैं।
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क्या योग में शुरुआत से ही कठिन आसन करना सबसे बड़ी गलती है?
बहुत से लोग योग शुरू करते ही शीर्षासन, कठिन बैलेंस पोज, डीप स्ट्रेचिंग वाले आसन करने की कोशिश करते हैं। सोशल मीडिया पर दिखने वाले एडवांस योगासन देखकर भी शुरुआती लोगों में वैसा करने की इच्छा पैदा हो सकती है। लेकिन किसी आसन का कठिन होना उसे हर व्यक्ति के लिए जरूरी या बेहतर नहीं बनाता।
योग में उन्नति धीरे-धीरे होना ज्यादा महत्वपूर्ण है। शुरुआत में सामान्य गतिविधियां और आसान आसनों पर ध्यान देना चाहिए, ताकि शरीर को नई गतिविधि के अनुकूल होने का समय मिल सके।
सवाल: शुरुआती व्यक्ति को योग की शुरुआत कैसे करनी चाहिए?
- शुरुआत हल्के स्ट्रेचिंग और बेसिक योगाभ्यास से करना बेहतर होता है, ताकि शरीर पर अचानक ज्यादा दबाव न पड़े और गतिविधि की सही टेक्नीक समझने का समय मिले।
- आसन करते समय शरीर को जबरदस्ती खींचने या मोड़ने के बजाय अपनी सहज रेंज में रहना चाहिए। फ्लैक्सिबिलिटी, समय और नियमित अभ्यास के साथ धीरे-धीरे विकसित होती है।
- अगर किसी आसन को करने में तेज दर्द, चक्कर या असामान्य परेशानी महसूस हो, तो उसे रोककर योग्य प्रशिक्षक या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।
क्या योग करते समय सांस रोकना भी एक आम गलती है?
योग केवल शरीर को अलग-अलग मुद्राओं में रखने का अभ्यास नहीं है। इसमें सांस लेने की प्रक्रिया का भी महत्वपूर्ण स्थान है। शुरुआती लोग कई बार किसी आसन को सही करने के चक्कर में अनजाने में अपनी सांस रोक लेते हैं।
सामान्य योग अभ्यास में सांस को सहज और नियंत्रित रखने पर ध्यान दिया जाता है। अलग-अलग प्राणायाम तकनीक के अपने नियम होते हैं, इसलिए उन्हें बिना समझे तेज गति से या लंबे समय तक करना उचित नहीं है।
सवाल: आसन करते समय सांस कैसी होनी चाहिए?
- सामान्य आसनों के दौरान सांस को सहज और नियंत्रित रखने की कोशिश करें तथा शरीर में अनावश्यक तनाव पैदा होने पर अपनी गति कम कर दें।
- प्राणायाम को केवल वीडियो देखकर कठिन स्तर पर शुरू करने के बजाय उसकी सही तकनीक किसी प्रशिक्षित योग शिक्षक से सीखना ज्यादा सुरक्षित और प्रभावी तरीका हो सकता है।
क्या रोज बहुत ज्यादा योग करना फायदेमंद होता है?
यह भी शुरुआती लोगों की एक आम सोच है कि जितना ज्यादा योग करेंगे, उतना जल्दी फायदा मिलेगा। इसी सोच के कारण कुछ लोग पहले दिन ही लंबे समय तक अभ्यास करते हैं और अगले दिन शरीर में स्टिफनेस और सूजन महसूस होने लगती है।
अगर शरीर पहले से अभ्यास का अभ्यस्त नहीं है, तो अचानक बहुत ज्यादा शारीरिक गतिविधि करने से मसल्स पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। इसलिए तीव्रता धीरे-धीरे बढ़ाना समझदारी है।
सवाल: योग कितनी देर करना चाहिए?
- शुरुआती व्यक्ति अपनी फिटनेस और रूटीन के अनुसार सीमित समय से शुरुआत कर सकता है और शरीर के अनुकूल होने पर धीरे-धीरे अवधि बढ़ा सकता है।
- योग का लक्ष्य केवल ज्यादा देर तक अभ्यास करना नहीं होना चाहिए। सही पोस्चर, नियंत्रित मूवमेंट, ब्रीदिंग और नियमित अभ्यास पर ध्यान देना ज्यादा महत्वपूर्ण है।
- अगर किसी व्यक्ति को पहले से कोई स्वास्थ्य समस्या, चोट या गतिशीलता से जुड़ी परेशानी है, तो व्यायाम रूटीन शुरू करने से पहले डॉक्टर या क्वालिफाइड प्रोफेशनल की सलाह लेना बेहतर रहता है।
क्या दर्द होने पर भी योग करते रहना सही है?
“नो पेन, नो गेन” वाली सोच योग में हमेशा सही नहीं मानी जानी चाहिए। योग करते समय हल्का स्ट्रेच महसूस होना और तेज या अचानक दर्द होना दो अलग-अलग बातें हैं।
किसी आसन को बेहतर बनाने के लिए शरीर को उसकी प्राकृतिक सीमा से आगे धकेलना चोट का जोखिम बढ़ा सकता है। खासकर गर्दन, कमर, घुटने और कंधे जैसे हिस्सों में सावधानी जरूरी है।
सवाल: योग करते समय दर्द हो तो क्या करना चाहिए?
- अगर किसी आसन के दौरान तेज, चुभने वाला या अचानक दर्द महसूस होता है, तो तुरंत उस मूवमेंट को रोकना और शरीर को आराम देना चाहिए।
- दर्द को नजरअंदाज करके उसी आसन को बार-बार करने के बजाय उसकी तकनीक जांचें और जरूरत पड़ने पर क्वालिफाइड योगा इंस्ट्रक्टर या हेल्थकेयर प्रोफेशनल की सलाह लें।
- पुरानी चोट या किसी विशेष स्वास्थ्य स्थिति वाले लोगों को अपनी अभ्यास सामान्य व्यक्ति की तरह शुरू करने के बजाय व्यक्तिगत सलाह के अनुसार बदलनी चाहिए।