शरीर को पूरी तरह से फिट बनाए रखने के लिए सभी अंगों का खास ख्याल रखना आवश्यक होता है। आमतौर पर हम शरीर के बड़े अंगों को तो स्वस्थ रखने के उपाय करते रहते हैं, पर कुछ छोटे अंगों की सेहत को जाने-अनजाने नजरअंदाज कर दिया जाता है। एंकल ऐसा ही एक अंग है जिसमें दर्द की समस्या होना काफी सामान्य है। इस तरह के दर्द के कारण हमारे दैनिक जीवन का काम प्रभावित हो सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक सामान्यतौर चोट या खिंचाव के कारण टखनों में दर्द हो सकता है, वहीं कुछ लोगों को यूरिक एसिड बढ़ने या फिर गठिया के कारण भी इस तरह के दर्द को सहना पड़ सकता है। सामान्यतौर पर कुछ दर्दनिवारक दवाओं के सेवन से दर्द से तो आराम मिल जाता है पर दर्द जड़ से खत्म नहीं होता है।
आज का योग: एंकल के दर्द से रहते हैं परेशान तो आपके लिए फायदेमंद हो सकते हैं ये योगासन
बालासन योग का अभ्यास
योग विशेषज्ञों के मुताबिक नियमित रूप से बालासन योग के अभ्यास से शरीर को कई तरह के स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं। टखनों में होने वाले खिंचाव और दर्द को कम करने में भी बालासन योग को फायदेमंद माना जाता है। एंकल के साथ-साथ कूल्हे, पीठ और रीढ़ की हड्डियों के लिए भी बालासन योग को काफी लाभदायक माना जाता है।
ताड़ासन योग
टखने के दर्द से राहत पाने के लिए ताड़ासन योग का नियमित रूप से अभ्यास करना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। यह योग पूरे पैर, विशेषकर आर्च की स्ट्रेचिंग करने में विशेष लाभदायक हो सकता है। जांघों और काल्फ की मांसपेशियों को सक्रिय करने के साथ घुटनों को मजबूती देने में भी इस योग के अभ्यास को विशेषज्ञ काफी लाभदायक मानते हैं। योग विशेषज्ञों के मुताबिक यह रीढ़, कंधे और कूल्हे के जोड़ों के लिए भी काफी फायदेमंद योगासन है।
वज्रासन योग
पैर की उंगलियों पर दबाव डालने के साथ टखनों की स्ट्रेचिंग के लिए वज्रसान योग के अभ्यास को काफी फायदेमंद माना जाता है। वज्रासन आपके पिंडलियों, टखनों, क्वाड्स और पीठ के निचले हिस्से के लिए एक उत्कृष्ट अभ्यास हो सकता है। मन और शरीर को बहुत प्रभावी ढंग शांत करने के साथ पाचन तंत्र के लिए ठीक रखने के लिए वज्रसान योग को लाभदायक माना जा सकता है।
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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
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