हम सभी को लम्बे लोग आकर्षक लगते हैं। अध्ययनों में शरीर की लंबाई को सकारात्मक दृष्टिकोण और हाई आईक्यू लेवल से जोड़कर देखा जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक सामान्यतौर पर 10-22 साल की आयु तक शरीर की लंबाई तेजी से बढ़ती है और इसके बाद रुक जाती है। हाल के वर्षों में देखा गया है कि करीब तीन दशक पहले की तुलना में अब के बच्चों की ऊंचाई कम होती जा रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक जीवनशैली और खान-पान सहित कई कारकों को इसके लिए जिम्मेदार माना जा सकता है।
आज का योग: नहीं बढ़ रही है बच्चे की लंबाई? इन चार योगासनों के अभ्यास से दूर होगी समस्या
ताड़ासन योग का अभ्यास
ताड़ासन या माउंटेन पोज, शरीर की सभी मांसपेशियों को फैलाती है। यह मुद्रा मांसपेशियों के विस्तार के साथ ग्रोथ हार्मोन के निर्माण में भी बढ़ावा देती है। इस योगासन को करने के लिए सबसे पहले एकदम सीधे खड़े हो जाएं, हाथों को एकदम सीधा रखें। गहरी सांस लेते हुए दोनों हाथों को सिर के ऊपर उठाएं और उंगलियों को आपस में जोड़ते हुए स्ट्रेच करें। शरीर का भार पैर की उंगलियों पर रखें। कुछ सेकेंड्स के लिए इस स्थिति में रहें।
भुजंगासन योग
भुजंगासन योग, आपकी पीठ के निचले हिस्से, ऊपरी पीठ और पेट की मांसपेशियों को फैलाने में सहायक है। इसके अलावा कमर के आसपास की चर्बी को कम करने में भी इसे मददगार माना जाता है। हाइट बढ़ाने के लिए यह सबसे अच्छे योग आसनों में से एक है। इस योग के लिए जमीन पर लेट जाएं और अपनी हथेलियों को फर्श पर कंधे की चौड़ाई से अलग रखें। अपने निचले शरीर को जमीन पर रखते हुए श्वास लें और अपनी छाती को फर्श से उठाते हुए छत की ओर देखें। सांस छोड़ते हुए अपने शरीर को फर्श पर दोबारा लेकर आएं।
वृक्षासन योग
शरीर की लंबाई बढ़ाने के लिए वृक्षासन मुद्रा को प्रभावी योग आसन माना जाता है। यह मुद्रा पिट्यूटरी ग्रंथि को सक्रिय करती है, जो ग्रोथ हार्मोन के उत्पादन बढ़ावा देने में सहायक है। इस योगासन के लिए सबसे पहले सीधे खड़े हो जाएं। अब दाहिने पैर को मोड़ते हुए इसे बाएं पैर की जांघ पर रखें। अब गहरी सांस लें और अपनी हथेलियों को सीने के सामने नमस्कार की मुद्रा में लाएं। ध्यान रहे कि इस दौरान आपकी रीढ़ सीधी रहे। इस आसन को दूसरे पैर के साथ भी दोहराएं।
शरीर की लंबाई को बढ़ाने के लिए बच्चों में शुरू से ही इस योगासन की आदत डालनी चाहिए। मांसपेशियों के अच्छे स्ट्रेचिंग के साथ रीढ़ की हड्डी को लचीला रखने में इसे सहायक माना जाता है। इस योगासन को करने के लिए सबसे पहले अपने पैरों को कूल्हे की चौड़ाई से अलग करके खड़े हो जाएं। अब अपने बायीं ओर एक बड़ा कदम उठाएं। अब अपने घुटनों को 90 डिग्री के कोण पर मोड़ें। अब अपने दाहिने पैर को लगभग 15 डिग्री अंदर की ओर मोड़ें। दाहिने पैर की एड़ी बाएं पैर के केंद्र में होनी चाहिए। अब अपने दोनों हाथों को साइड में उठाएं और कंधों के स्तर पर लाएं। आपकी हथेलियां ऊपर की ओर होनी चाहिए। इस पोजीशन में गहरी सांसें लें। अपने सिर को बाईं ओर मोड़ें। कुछ सेकंड के लिए ऐसे ही रुकें और फिर प्रारंभिक स्थिति में वापस आ जाएं।
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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
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