शरीर के सभी अंगों के व्यवस्थित कार्य संचालन की जिम्मेदारी मस्तिष्क की होती है। यह तंत्रिका तंत्र से घिरे शरीर में न्यूरोट्रांसमीटर्स की मदद से संदेश पहुंचाने में विशेष भूमिका निभाती है। शरीर के अन्य अंगों के साथ-साथ सभी लोगों को मस्तिष्क को स्वस्थ बनाए रखने के लिए भी निरंतर प्रयास करते रहने चाहिए। मस्तिष्क की कोशिकाएं स्वस्थ रहें इसके लिए आवश्यक है कि रक्त का परिसंचरण बेहतर ढंग से होता रहे। मस्तिष्क में रक्त के संचार को बढ़ाकर इसके कार्य को आसान बनाने और तंत्रिकाओं को स्वस्थ रखने में मदद मिल सकती है। इसके लिए दिनचर्या में योगासनों को शामिल करना आपके लिए बेहतर विकल्प हो सकता है।
आज का योग: मस्तिष्क में रक्त संचार बढ़ाने के लिए कीजिए इन आसनों का अभ्यास, मिलेंगे कई तरह के स्वास्थ्य लाभ
शीर्षासन योग का अभ्यास
मस्तिष्क में रक्त के संचार को बढ़ावा देने में जिन योगासनों को सबसे प्रभावी और कारगर माना जाता है, शीर्षासन योग का अभ्यास उनमें से एक है। इस योग के लिए आपको विशेष अभ्यास की जरूरत होती है, इसलिए किसी विशेषज्ञ की सलाह पर ही इसे किया जाना चाहिए।
मस्तिष्क में रक्त के संचार को बढ़ावा देने के साथ तनाव दूर करने और फोकस बढ़ाने में इस योग को काफी फायदेमंद माना जाता है। इस योग के अभ्यास से खोपड़ी में रक्त प्रवाह बढ़ता है जिससे आंखों और बालों को स्वस्थ रखने में विशेष मदद मिल सकती है।
बालासन योग है फायदेमंद
बालासन योग या चाइल्ड पोज आपके सिर में रक्त परिसंचरण को बढ़ावा देने का सबसे कारगर अभ्यास हो सकता है। कमर, पेट, जांघ और रीढ़ के लिए भी इस अभ्यास के लाभ का जिक्र मिलता है। इस योग के अभ्यास से मस्तिष्क की कोशिकाएं स्वस्थ बनी रहती हैं जिससे कई तरह की मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से राहत मिल सकती है। बालासन योग का नियमित अभ्यास करने वालों को मन की अशांति, चिंता और थकान जैसी समस्याएं कम होती हैं।
अधोमुख शवासन योग
अधोमुख शवासन योग को विशेषज्ञ स्वास्थ्य के लिए विशेष लाभप्रद अभ्यास में से एक मानते हैं। मस्तिष्क में रक्त के प्रवाह को बढ़ाने के साथ तनाव और चिंता को दूर करने, पैरों की मांसपेशियों को मजबूती देने, पीठ के निचले हिस्से में दर्द को कम करने और मांसपेशियों में अकड़न की दिक्कत से छुटकारा दिलाने में इस योग के अभ्यास के लाभ हो सकते हैं। अधोमुख शवासन योग का अभ्यास पूरे शरीर की मांसपेशियों की सक्रियता को बढ़ाने में काफी मददगार माना जाता है।
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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
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