Yoga Asanas for Spine Problems : स्कोलियोसिस एक ऐसी स्थिति है, जिसमें रीढ़ की हड्डी एक ओर झुक जाती है। सामान्यत: यह रीढ़ के ऊपरी भाग पर असर डालती और पीठ के निचले हिस्से को टेढ़ा कर देता है। स्कोलियोसिस की समस्या होने पर दर्द बढ़ जाता है और सर्जरी की स्थिति आ जाती है। हालांकि प्राकृतिक तरीके से रीढ़ की समस्या को कम किया जा सकता है। योग रीढ़ संबंधी परेशानियों से छुटकारा दिलाने का कारगर उपाय है। एक अध्ययन के मुताबिक, हफ्ते में कम से कम तीन दिन 90 सेकेंड तक महज एक योग के अभ्यास से स्कोलियोसिस की समस्या से राहत पाई जा सकती है। रिपोर्ट का दावा है कि महज 3 महीने में स्थिति में सुधार हो सकता है। हालांकि रीढ़ एक गंभीर स्थिति है, इसलिए किसी भी योग के अभ्यास से पहले चिकित्सक की राय जरूर ले लीजिए और योग विशेषज्ञ की निगरानी में ही योगाभ्यास करें।
Yoga Tips: रीढ़ की हड्डी से जुड़ी समस्याओं में फायदेमंद है यह योगासन, स्कोलियोसिस की शिकायत भी होगी दूर
ये रहे रीढ़ की समस्या से आराम दिलाने वाला योग
साइड प्लैंक (वशिष्ठासन)
स्कोलियोसिस की समस्या होने पर वशिष्ठासन का अभ्यास करना चाहिए। रीढ़ के कमजोर तरफ साइड प्लैंक का अभ्यास करें। इस योग के अभ्यास के लिए सबसे पहले जमीन पर दंडासन मुद्रा में बैठ जाएं। फिर बाएं हाथ को जमीन पर रखते हुए उसपर शरीर का वजन डालें। अब दाएं पैर पर बाएं पैर को रखें और दाएं हाथ को उठाकर जांघों पर रखें। सांस अंदर लेते हुए कुछ पल इसी स्थिति में रहें। बाद में सांस छोड़ते हुए सामान्य अवस्था में आ जाएं।
रीढ़ में दर्द से राहत पाने के लिए योग
मार्जरी आसन
अगर पीठ या रीढ़ में दर्द रहता है तो मार्जरी आसन करें। इसके अभ्यास के लिए घुटनों और हाथों के बल आते हुए रीढ़ को उठाकर रखें। सांस अंदर लेते हुए सिर को छत की तरफ ले जाएं और शरीर के नाभि वाले भाग को नीचे की ओर झुकाएं। श्वास छोड़ते हुए ठोड़ी को छाती पर लगाएं और रीढ़ को ऊपर उठाएं। चार से पांच बार इस आसन का अभ्यास करें।
पादहस्तासन
इस आसन के अभ्यास के लिए अपने दोनों पैरों पर सीधे खड़े होते हुए हाथों को शरीर के साथ जोड़कर रखें। अंदर की ओर श्वास लेते हुए हाथों को सिर के ऊपर ले जाएं और ऊपर की ओर खींचें। फिर सांस छोड़ते हुए रीढ़ को सीधा रखे। इस दौरान घुटनों और हाथों को सीधा रखते हुए आगे की ओर झुकें। अब हाथों को फर्श पर रखें या एड़ियों को पकड़ने का प्रयास करें।
नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
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