मानसिक स्वास्थ्य विकारों को लेकर वैश्विक स्तर पर विशेषज्ञों की चिंता बढ़ती हुई देखी जा रही है। इस बीच एक हालिया अध्ययन में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। कनाडा में किए गए एक अध्ययन के अनुसार, कोरोना के बाद से मानसिक स्वास्थ्य विकारों के मामलों में तेजी से वृद्धि देखी गई है। महामारी के दौरान आठ में से एक वयस्क में पहली बार अवसाद का निदान किया गया है। इसके अलावा जिन लोगों को पहले भी अवसाद की समस्या रह चुकी है, उनमें इसके लक्षणों में गंभीरता देखी गई है। महामारी ने लोगों के मानसिक स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित किया है।
Yoga Tips: महामारी के बाद बढ़ी अवसादग्रस्त लोगों की संख्या, इन योगासनों से तनाव-चिंता में मिलता है लाभ
सुखासन योग से मानसिक स्वास्थ्य में लाभ
मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं से राहत पाने और चिंता-तनाव जैसी दिक्कतों को कम करने के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ सुखासन योग करने की सलाह देते हैं। फर्श पर क्रॉस्ड पैरों और रीढ़ को सीधी करके ध्यान मुद्रा में बैठने की इस स्थिति को मानसिक स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है। चिंता, उदासी और अत्यधिक तनाव से राहत पाने के लिए सुखासन योग से राहत मिल सकता है। अवसाद के लक्षणों को कम करने में भी इससे लाभ मिल सकता है।
चाइल्ड पोज योग से मिलता है आराम
चाइल्ड पोज, जिसे बालासन अभ्यास के तौर पर भी जाना जाता है, इसे मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं से राहत दिलाने में काफी लाभकारी हो सकता है। चाइल्ड पोज, योग अभ्यास मानसिक स्वास्थ्य के लक्षणों को कम करने और अवसाद की दिक्कतों से राहत पाने में कारगर माना जाता है। बालासन योग का अभ्यास शारीरिक और मानसिक दोनों प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं के लिए फायदेमंद है।
ध्यान योग सबसे कारगर
मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से बचे रहने और अवसाद के लक्षणों को कम करने के लिए नियमित रूप से ध्यान योग करना फायदेमंद हो सकता है। मेडिटेशन तंत्रिकाओं को आराम देने के साथ मस्तिष्क के कार्यों को बेहतर करने में आपके लिए फायदेमंद है। इस योग के अभ्यास के दौरान मन की ऊर्जा को एक स्थान पर केंद्रित करने की आवश्यकता होती है। ध्यान मुद्रा को ब्लड प्रेशर को जोखिमों को कम करने में भी फायदेमंद माना जाता है।
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नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।
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