वैश्विक स्तर पर जारी कोरोना महामारी ने कई तरह से लोगों की सेहत पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है। संक्रमण की गंभीरता के खतरे से लेकर लॉन्ग कोविड की समस्याओं तक, लोगों की सेहत पर कोरोना का गंभीर असर देखने को मिल रहा है। कोविड-19 के जोखिमों के बारे में हाल ही में हुए अध्ययनों में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को लॉन्ग कोविड की जटिलताओं को लेकर अलर्ट रहने की सलाह दी है। लॉन्ग कोविड यानी की संक्रमण से ठीक होने के बाद भी लंबे समय तक बनी रहने वाली स्वास्थ्य समस्याओं से है। इसका असर छह महीने से लेकर दो साल तक भी रह सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक संक्रमण से ठीक हो चुके लोगों को अपने लक्षणों को लेकर विशेष सावधानी बरतते रहना चाहिए।
आज का योग टिप्स: लॉन्ग कोविड के बढ़ते जोखिम से बचाएंगे ये योगासन, दिनचर्या में जरूर करें शामिल
कपालभाति प्राणायाम
कोरोना संक्रमण के इस दौर में इम्युनिटी को बढ़ाने से लेकर लॉन्ग कोविड के जोखिमों को कम करने तक के लिए कपालभाति प्राणायाम के अभ्यास के लाभ के बारे में पता चलता है। सांस लेने का यह अभ्यास शरीर में ऊर्जा के संचार को बढ़ावा देने के साथ फेफड़े और हृदय के स्वास्थ्य में सुधार करने में काफी मददगार अभ्यास माना जाता है। कपालभाति प्राणायाम, कोविड-19 के दौरान शरीर के अंगों में होने वाली समस्याओं से तेज रिकवरी पाने और शरीर को दोबारा से स्वस्थ बनाने में काफी सहायक है।
मार्जरी आसन का अभ्यास
लॉन्ग कोविड के जोखिमों को कम करने के लिए दिनचर्या में मार्जरी आसन के अभ्यास को शामिल करना विशेष लाभप्रद हो सकता है। मार्जरी आसन, पूरे शरीर की स्ट्रेचिंग करने के साथ रीढ़ और पेट के अंगों से अतिरिक्त तनाव को कम करने और रक्त के संचार को बढ़ाने में काफी सहायक अभ्यास है। मार्जरी आसन, पेट और पीठ की समस्याओं को दूर करने और थकान को कम करने में काफी सहायक योगाभ्यासों में से एक है।
बटरफ्लाई पोज
बटरफ्लाई पोज के नियमित अभ्यास की आदत जांघों, कमर और घुटनों की बेहतर स्ट्रेचिंग करने के साथ शरीर के लचीलेपन में सुधार करती है। कोविड संक्रमण के कारण हुई थकान को दूर करने और मांसपेशियों की सक्रियता में सुधार करने में बटरफ्लाई पोज के अभ्यास की आदत आपके लिए काफी सहायक हो सकती है। दिनचर्या में बटरफ्लाई पोज को शामिल करके कोविड-19 के कारण शरीर में होने वाली तमाम जटिलताओं से आसानी से राहत पाने में मदद मिल सकती है।
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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
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