स्वस्थ बचपन, बेहतर भविष्य की नींव मानी जाती है, बच्चों के लिए पौष्टिक आहार के साथ नियमित व्यायाम की आदत संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जिस प्रकार से मौजूदा समय में बढ़ रही तमाम प्रकार की गंभीर बीमारियों के लिए शारीरिक निष्क्रियता को प्रमुख कारण के तौर पर देखा जा रहा है, इससे सीख लेते हुए सभी माता-पिता को सुनिश्चित करना चाहिए कि बच्चे नियमित रूप से योग-व्यायाम जरूर करें। यह आदत न सिर्फ शारीरिक रूप से उन्हें सक्रिय रखने में मदद करेगी साथ ही यह आदत उन्हें भविष्य में कई बीमारियों से सुरक्षित रखने में भी सहायक होगी।
Child Health : बच्चों में बनाएं योग के नियमित अभ्यास की आदत, इससे शारीरिक-मानसिक दोनों प्रकार के स्वास्थ्य लाभ
बच्चों के लिए योग बहुत आवश्यक
हार्वर्ड हेल्थ की रिपोर्ट के मुताबिक स्कूली उम्र के बच्चों (6 से 12 वर्ष की आयु) में शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य, दोनों में सुधार के लिए योग की आदत बनानी चाहिए। बच्चों में संतुलन, शक्ति, धीरज बढ़ाने के साथ मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिमों को कम करने में योग से लाभ पाया जा सकता है।
चिंता और तनाव जैसे विकारों को कम करने के साथ भविष्य में अवसाद के खतरे से बचाने में भी नियमित योग को फायदेमंद पाया गया है। शोधकर्ता बताते हैं कि रोजाना योग करने वाले बच्चों के सामाजिक कौशल, आत्मविश्वास में भी बेहतरी देखी गई है।
दिनचर्या में कई प्रकार के आसनों को शामिल किया जाना चाहिए।
प्राणायाम विशेष लाभाकारी
बच्चों के लिए प्राणायाम के अभ्यास की आदत बहुत फायदेमंद हो सकती है। कपालभाति सबसे महत्वपूर्ण प्राणायाम आसन है, यह संपूर्ण शरीर के लिए फायदेमंद है। पाचन तंत्र को ठीक रखने से लेकर, फेफड़ों को मजबूत बनाने, फोकस और याददाश्त में सुधार करने के लिए रोजाना इस योगासन को किया जा सकता है।
अनुलोम-विलोम का अभ्यास
इसी तरह अनुलोम-विलोम का अभ्यास भी बच्चों के लिए जरूरी है। यह फोकस और फेफड़ों की क्षमता बढ़ाने, पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन की पूर्ति और हैप्पी हार्मोन रिलीज करने में सहायक है। प्राणायाम के अभ्यास प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूती देते हैं।
सुखसान है फायदेमंद
सुखासन योग बच्चों के लिए आसान और विशेष लाभप्रद हो सकता है। यह आसान सही तरीके से बैठने की मुद्रा है जिसमें पैरों को क्रॉस करके सीधे बैठना होता है। शरीर को आराम देने में मदद करने के साथ, बॉडी पॉश्चर को ठीक रखने, फोकस में सुधार करने, पीठ की मांसपेशियों को मजबूत करने और लचीलेपन को बढ़ावा देने में इससे मदद मिल सकती है। मानसिक एकाग्रता के लिए नियमित रूप से इस योगाभ्यास के लाभ हो सकते हैं।