पुरातन काल से ही योगासनों का नियमित रूप से अभ्यास करके कई तरह के स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किए जाते रहे हैं। योग शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की सेहत को फिट बनाए रखने के साथ कई प्रकार की बीमारियों के जोखिम को कम करने में भी आपके लिए सहायक हो सकते हैं। योग के अभ्यास की आदत शारीरिक निष्क्रियता के जोखिम को कम करते हुए सेंडेंटरी लाइफस्टाइल की समस्याओं के खतरे को कम करने में भी सहायक है। विशेषज्ञ सभी उम्र के लोगों को दिनचर्या में योगाभ्यासों को शामिल करने की सलाह देते हैं।
Yoga Tips: क्या शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा सकते हैं योगासन? कौन से अभ्यास को फायदेमंद मानते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ
योगासनों को लेकर विशेषज्ञों की सलाह
योग विशेषज्ञ बताते हैं, कुछ योग मुद्राएं प्रतिरक्षा प्रणाली और शारीरिक संतुलन को बढ़ावा देने में मदद कर सकती हैं। यह ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने में भी सहायक हैं जिन्हें कई प्रकार की बीमारियों के जोखिम को बढ़ाने वाला माना जाता है। यदि नियमित रूप से योग किया जाए तो यह शरीर के अंगों को स्वस्थ रखने, रक्त संचार को बढ़ावा देने, मांसपेशियों के अतिरिक्त तनाव को कम करने और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में काफी सहायक है।
बालासन योग की आदत
बालासन योग, जिसे चाइल्ड पोज के नाम से भी जाना जाता है, यह शरीर को स्वस्थ रखने में आपके लिए विशेष लाभप्रद हो सकता है। पीठ के निचले हिस्से से तनाव को मुक्त करने, थकान को कम करने और मूड को बेहतर बनाए रखने के लिए इस योग के नियमित अभ्यास को काफी लाभकारी माना जाता है। यह आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर बीमारियों से बचाने में सहायक अभ्यास है।
भुजंगासन का अभ्यास
भुजंगासन या कोबरा पोज आपके फेफड़ों को खोलने, रीढ़ को मजबूत करने और ऊर्जा को बढ़ावा देने में मददगार है। यह पाचन में सुधार करके पेट से संबंधित समस्याओं को कम करने में भी सहायक है। आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने के साथ हृदय-फेफड़ों से संबंधित समस्याओं के जोखिम को कम करने में भी इस अभ्यास के कई प्रकार के लाभ हो सकते हैं।
प्राणायाम सबसे लाभकारी
प्राणायाम का अभ्यास प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने का सबसे कारगर तरीका हो सकता है। यह रक्त में ऑक्सीजन की मात्रा को बढ़ाकर अंगों को स्वस्थ रखने, तनाव-चिंता को दूर करने और सेहत को फिट बनाए रखने में सहायक है। प्राणायाम का अभ्यास शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की सेहत को फिट बनाए रखने में आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।
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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
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