तेजी से दौड़ती भागती इस जिंदगी में ज्यादातर लोगों के लिए नियमित रूप से व्यायाम के लिए समय निकाल पाना काफी कठिन होता है। वहीं व्यायाम की कमी और दिनभर ऑफिस में बैठे रहने की आदत, सेंडेंटरी लाइफस्टाइल के जोखिम को बढ़ाने वाली मानी जाती है। सेंडेंटरी लाइफस्टाइल के कारण लोगों में कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम बढ़ जाता है। व्यायाम के लिए समय न निकाल पाने और इस तरह के स्वास्थ्य जोखिमों से बचे रहने के लिए दिनचर्या में कुछ योगासनों के शामिल करना आपके लिए मददगार हो सकती है। योगासनों को कम समय में आसानी से करके स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किया जा सकता है।
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प्राणायाम के अभ्यास की बनाएं आदत
प्राणायाम का अभ्यास कम समय में घर पर ही आसानी से किया जा सकता है। मानसिक स्वास्थ्य के लिए इसे बेहद कारगर अभ्यास के तौर पर जाना जाता है। साल 2013 में किए गए एक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया कि प्राणायाम के नियमित अभ्यास की आदत ने वयस्कों में तनाव के स्तर को कम किया। इसके अलावा प्राणायाम नींद की गुणवत्ता में सुधार करने, उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने, फेफड़ों के कार्य में सुधार करने और बौद्धिक क्षमता को बढ़ावा देने में सहायक है।
शीर्षासन के लाभ
शीर्षासन योग का अभ्यास संपूर्ण शरीर के लिए फायदेमंद माना जाता है। हेड स्टैंड के नाम से प्रचलित यह योगासन कंधों और बाहों को मजबूती देने के साथ पैरों, टखनों और घुटनों में द्रव निर्माण को कम करता है। सेंडेंटरी लाइफ के कारण गठिया जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है, इस योग के अभ्यास की आदत आपको इन समस्याओं से सुरक्षित रखने में मदद करती है। शीर्षासन योग का अभ्यास तनाव को दूर करने के साथ फोकस बढ़ाने और सिर में रक्त के प्रवाह को बढ़ाने में सहायक है जिससे मस्तिष्क स्वस्थ रहता है। रोजाना 5-10 मिनट इस अभ्यास को किया जा सकता है।
भुजंगासन योग का अभ्यास
भुजंगासन योग को कोबारा पोज के रूप में भी जाना जाता है, इस योग के अभ्यास की आदत कमर-पीठ में होने वाले दर्द की समस्या से राहत दिलाने में मदद कर सकती है। रीढ़ को मजबूती देने के साथ छाती और फेफड़ों, कंधों और पेट के अंगों की बेहतर स्ट्रेचिंग करने में भी इस योग के अभ्यास को लाभकारी माना जाता है। तनाव और थकान को दूर करने और अस्थमा जैसी समस्याओं के लक्षणों को कम करने में भी इस योग के अभ्यास के लाभ हैं। भुजंगासन योग का रोजाना 10 मिनट तक अभ्यास कर सकते हैं।
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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
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