योग हमारे नर्वस सिस्टम को बेहतर करता है। यह शरीर की कार्यप्रणाली को सकारात्मक रूप से प्रभावित करता है, इसलिए महिलाओं को नियमित योग अवश्य करना चाहिए। महिलाओं के लिए नियमित योग के कई फायदे हैं। आमतौर पर धारणा है कि योग करने से मानसिक परेशानियों से छुटकारा मिलता है। साथ ही यह स्लिम रहने में भी मददगार है। अधिकांश लोग इन्हीं वजहों से योग करते हैं। यह सच भी है, लेकिन योग के कई अन्य फायदे भी हैं।
योग महिलाओं में प्रजनन क्षमता को बेहतर करने में भी मददगार है। यदि कोई महिला गर्भधारण करना चाहती है, तो योग उसके लिए बेहतर हो सकता है। यह शरीर को स्वस्थ और गर्भावस्था को आसान बनाता है।
योग चिंता (एंजाइटी) को कम करता है, जो गर्भधारण में सहायक है। नियमित योग शरीर को डिटॉक्सीनेसन प्रक्रिया में भी लाभ देता है। जिन महिलाओं को गर्भधारण करने में परेशानी आ रही है, उनके लिए योग बेहतर हो सकता है, हालांकि कौन सा योगासन करना चाहिए। यह समझना महत्वपूर्ण है। किसी की देखादेखी योग न करें। किसी विशेषज्ञ की सलाह लेकर योगासन अपनाएं।
योग से पीरियड की समस्याओं में भी महिलाओं को राहत मिलती है। जिन महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान अधिक दर्द या रक्तस्राव की समस्या होती है, उनके लिए योग बेहतर हो सकता है। योग शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को और बेहतर करता है। आज के दौर में महिलाओं में तनाव और चिंता जैसी समस्याएं भी बहुत अधिक बढ़ रही हैं। मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियां भी कई बार शारीरिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाती हैं। ऐसे में योग हर प्रकार से शरीर के बेहतरी में योगदान देता है।
योग सुबह के समय करना अधिक लाभदायक होता है, क्योंकि उस वक्त वातावरण में प्रदूषण का स्तर कम होता है और स्वच्छ हवा हमारे शरीर में पहुंचती है। कुछ योगासन जैसे ध्यान, अनुलोम विलोम, कपालभाति हर उम्र के लोगों के लिए लाभदायक हैं, लेकिन यदि योगासन करने के दौरान कोई समस्या आए तो विशेषज्ञ से सलाह लें।