योग और व्यायाम को संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी माना जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जो लोग नियमित रूप से योग का अभ्यास करते हैं उनमें कई प्रकार की गंभीर और क्रोनिक बीमारियों के विकसित होने का खतरा कम होता है। अध्ययनकर्ता कहते हैं, सभी उम्र के लोगों को दिनचर्या में मेडिटेशन या ध्यान अभ्यास को जरूर शामिल करना चाहिए। जिस तरह से दुनियाभर में मानसिक रोगों को जोखिम बढ़ रहा है, ये एक अभ्यास आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद हो सकता है। चूंकि मानसिक स्वास्थ्य का सीधा संबंध शारीरिक सेहत से है, इसलिए मेडिटेशन का अभ्यास संपूर्ण स्वास्थ्य को ठीक रखने में मददगार हो सकता है।
Good Health: शारीरिक और मानसिक दोनों सेहत के लिए फायदेमंद है मेडिटेशन, बहुत खास है इस बार का 21 दिसंबर
अध्ययनकर्ता कहते हैं, सभी उम्र के लोगों को दिनचर्या में मेडिटेशन या ध्यान अभ्यास को जरूर शामिल करना चाहिए। हाल ही में संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) ने 21 दिसंबर को 'वर्ल्ड मेडिटेशन डे' मनाने की स्वीकृति भी दे दी है।
पहले जानिए मेडिटेशन होता क्या है?
मेडिटेशन या ध्यान का अभ्यास आपके दिमाग को ध्यान केंद्रित करने और अपने विचारों को पुनर्निर्देशित करने की प्रक्रिया है।
मेडिटेशन के लिए किसी शांत जगह पर आराम से बैठ जाएं। इसके बाद गहरी सांस लें और मन को एक जगह पर केंद्रित करने का प्रयास करें। मेडिटेशन के दौरान अपनी सांसों पर ध्यान देने और मन को एकाग्र करने का प्रयास किया जाता है।
कई लोग इसे तनाव कम करने और एकाग्रता विकसित करने का एक तरीका मानते हैं। अध्ययनों से पता चलता है कि मेडिटेशन की मदद से सकारात्मक मनोदशा और दृष्टिकोण बनाने, आत्म-अनुशासन स्थापित करने, नींद के पैटर्न में सुधार करने और मानसिक स्वास्थ्य को ठीक रखने में लाभ मिल सकता है।
मेंटल हेल्थ के लिए बहुत लाभकारी है मेडिटेशन
मेडिटेशन का नियमित अभ्यास करना आपकी मेंटल हेल्थ को ठीक रखने में काफी मददगार हो सकता है। ध्यान के अभ्यास से तनाव कम किया जा सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अगर तनाव की समस्या पर ध्यान न दिया जाए तो इसका शारीरिक स्वास्थ्य पर भी असर हो सकता है जिसमें हृदय गति में वृद्धि, नींद से लेकर रक्तचाप तक की समस्याएं बढ़ जाती हैं।
साल 2017 में करीब 45 अध्ययनों की समीक्षा से पता चला है कि ध्यान का अभ्यास कई प्रकार की शारीरिक समस्याओं जैसे इरिटेबल बाउल सिंड्रोम, पोस्ट-ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर और फाइब्रोमाइल्जिया में भी लाभकारी है।
नींद की दिक्कत कम करने के लिए करें मेडिटेशन
नींद विकार के शिकार लोगों के लिए भी मेडिटेशन का नियमित अभ्यास करना फायदेमंद हो सकता है। साल 2014 के एक अध्ययन में माइंडफुलनेस आधारित सेशन के प्रभावों की जांच की गई। इसमें पाया गया कि जिन लोगों ने मेडिटेशन का अभ्यास किया उनमें नींद से संबंधित दिक्कतें कम हुईं। इसकी मदद से अनिद्रा में भी लाभ पाया जा सकता है।
यहां ध्यान देना जरूरी है कि जिन लोगों को नींद की दिक्कत बनी रहती है उनमें कई प्रकार की शारीरिक और मानसिक बीमारियों का खतरा भी हो सकता है।
रक्तचाप में भी पा सकते हैं आराम
अध्ययनों से पता चलता है कि जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर की दिक्कत रहती है उनके लिए भी मेडिटेशन का नियमित अभ्यास करना फायदेमंद हो सकता है। समय के साथ, उच्च रक्तचाप के कारण हृदय को रक्त पंप करने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है जिससे हृदय रोगों का जोखिम बढ़ जाता है।
इसी को लेकर साल 2015 में लगभग एक हजार प्रतिभागियों पर किए गए अध्ययन में पाया गया कि नियमित रूप से ध्यान के अभ्यास से रक्तचाप कम करने में मदद मिल सकती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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