शरीर में प्राणदायनी ऑक्सीजन के संचार को सुनिश्चित करने में फेफड़ों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। जब हम सांस लेते हैं तो हवा हमारे फेफड़ों में प्रवेश करती है और यहीं से रक्त में ऑक्सीजन का प्रवाह बढ़ता है। फेफड़े न सिर्फ शरीर में ऑक्सीजन को एकत्रित करते हैं साथ ही कार्बन डाइऑक्साइड जैसे अपशिष्ट गैस को शरीर से बाहर करने में भी मदद करते हैं। मसलन शरीर के लिए फेफड़े अति महत्वपूर्ण अंगों में से एक हैं।
World Lung Day 2022: फेफड़ों को स्वस्थ और मजबूत बनाने में सहायक हैं योगाभ्यास, इन आसनों का करिए रोजाना अभ्यास
प्राणायाम के आसन से मिलता है लाभ
प्राणायाम के अभ्यास की आदत फेफड़ों की क्षमता में सुधार करने के साथ श्वास विकारों को कम करने, फेफड़ों की बीमारियों के जोखिम को कम करने और रक्त प्रवाह में ऑक्सीजन के संचार को बढ़ावा देने में लाभकारी मानी जाती है। योग विशेषज्ञ बताते हैं, योग विशेषकर प्राणयाम, ब्रोंकाइटिस के कारण अवरुद्ध वायुमार्ग को खोलने में मदद कर सकती है, जो क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी) का कारण मानी जाती है। प्राणायाम के शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की सेहत से संबंधित लाभ देखे गए हैं।
सुखासन योग की बनाएं आदत
सुखासन योग के अभ्यास की आदत बनाना फेफड़ों को स्वस्थ रखने और ऑक्सीजन के संचार को बढ़ावा देने के लिए कारगर माना जाता है। इस योग के दौरान शरीर को सीधा रखकर बैठने से फेफड़ों का विस्तार होता है और इसकी क्षमता बढ़ती है। शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मन को भी शांत और स्थिर बनाए रखने में इस योग के अभ्यास से लाभ मिल सकता है। फेफड़ों की कई गंभीर समस्याओं के लक्षणों को कम करने में भी सुखासन योग के अभ्यास को लाभकारी पाया गया है।
मत्स्यासन योग का करिए अभ्यास
मत्स्यासन योग जिसे फिश पोज के नाम से भी जाना जाता है, यह छाती को खोलने में मदद करता है जिससे शरीर में ऑक्सीजन का संचार बढ़ता है और यह आपको पूरे दिन सक्रिय रखने में सहायक है। फेफड़ों की बीमारियों और श्वसन विकारों के लक्षणों को कम करने में भी इस योग से लाभ मिल सकता है। फेफड़ों के अलावा यह योगासन गर्दन और पेट के हिस्से को स्ट्रेच और टोन करने में भी सहायक है। तनाव-चिंता जैसे मानसिक विकारों को कम करने में भी मत्स्यासन योग का अभ्यास लाभकारी हो सकता है।
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नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।
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