मधुमेह, जीवनशैली में गड़बड़ी के कारण होने वाली स्वास्थ्य समस्या है, जिससे दुनियाभर में 40 करोड़ से अधिक लोग ग्रसित हैं। भारत में भी डायबिटीज रोगियों का आंकड़ा साल-दर-साल बढ़ता जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक आहार और जीवनशैली को ठीक रखने के साथ नियमित योग के अभ्यास से इस गंभीर रोग से बचाव किया जा सकता है। इसके अलावा जिन लोगों को पहले से ही डायबिटीज की समस्या है वह योग के माध्यम से इसकी जटिलताओं को कम कर सकते हैं। तेजी से बढ़ती इस स्वास्थ्य समस्या के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 14 नवंबर को 'विश्व मधुमेह दिवस' मनाया जाता है।
आज का योग: डायबिटीज रोगियों के लिए बहुत फायदेमंद हैं यह योगासन, जटिलताएं हो जाएंगी कम
धनुरासन योग है लाभदायक
डायबिटीज रोगियों के लिए धनुरासन योग को फायदेमंद माना जाता है। यह योग अग्न्याशय को स्वस्थ बनाए रखने में बेहद मददगार हो सकता है। मधुमेह रोगियों के लिए इस योग का नियमित अभ्यास फायदेमंद माना जाता है। इसके अतिरिक्त धनुरासन योग, पेट की मांसपेशियों को मजबूत करने, पाचन को बढ़ावा देने, पेट में ऐंठन को रोकने की समस्या को भी कम करता है।
बालासन योग के फायदे
डायबिटीज के रोगियों के लिए बालासन योग का अभ्यास फायदेमंद हो सकता है। हैमस्ट्रिंग, मांसपेशियां और स्पाइनल का इससे एक साथ व्यायाम हो जाता है। तनाव, थकान, पीठ, और गर्दन के दर्द से राहत दिलाने में के साथ इंसुलिन-उत्पादक बीटा के उत्पादन को बढ़ाने देने में भी इस योग को लाभदायक माना जाता है। डायबिटीज की जटिलताओं को कम करने में यह योगासन फायदेमंद माना जाता है।
कोबरा पोज योग
मांसपेशियों की ताकत को बढ़ाने के साथ कमर-पीठ के दर्द को कम करने और रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में यह योगासन फायदेमंद माना जाता है। इंसुलिन उत्पादन को ठीक रखने के लिए रोजाना इस योगासन को किया जा सकता है। कोबरा पोज या भुजंगासन योग, समग्र स्वास्थ्य के लिए लाभदायक माना जाता है।
पश्चिमोत्तानासन योग है लाभदायक
पश्चिमोत्तानासन योग को डायबिटीज के रोगियों के लिए विशेष लाभदायक माना जाता है। शरीर से अतिरिक्त चर्बी को हटाने के साथ चिंता और तनाव को कम करने के लिए इस योगासन को फायदेमंद माना जाता है। इन सभी को डायबिटीज का कारक माना जाता है। पश्चिमोत्तानासन योग का नियमित अभ्यास करना डायबिटीज के कारक और जटिलताओं को कम करने में सहायक है।
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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।
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