Winter Yoga Tips : सर्दियां अपने साथ कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम लेकर आती हैं। इस मौसम में तापमान गिरने के साथ-साथ शरीर पर कई प्रभाव पड़ते हैं, जिससे स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न होती हैं। कम धूप और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण ठंड के मौसम में विभिन्न प्रकार की बीमारियां बढ़ सकती हैं। इस समस्याओं में मुख्य रूप से सांस से जुड़ी दिक्कतें, त्वचा संबंधी समस्याएं, इन्फ्लूएंजा, मौसमी बुखार और खांसी-जुकाम शामिल हैं। इसके अलावा ठंड में रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कमजोर हो सकती है, जिससे इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए सर्दियों में अपनी सेहत का ख्याल रखें।
Winter Yoga: सर्दियों की बीमारियों से बचने के लिए करें ये योगासन, खांसी-जुकाम और जोड़ों के दर्द से रहेंगे दूर
सर्दियों में होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं से दूर रहने के लिए तीन प्रभावी योगासनों का अभ्यास किया जा सकता है।
सेतुबंधासन
सेतुबंधासन को ब्रिज पोज कहते हैं। इसमें शरीर का आकृति किसी पुल या सेतु जैसी बनाई जाती है। इस आसन को जमीन पर पीठ के बल लेटकर किया जाता है। घुटनों को मोड़ते हुए तलवों को जमीन पर रखते हैं। दोनों हाथों से पैरों की एड़ियों को पकड़ते हुए सांस लेते हुए धीरे धीरे शरीर को ऊपर उठाते हैं।
सेतुबंधासन के अभ्यास से फायदे
सेतुबंधासन पीठ, टांगों और टखनों की मांसपेशियों को मजबूत बनाने में सहायक है। इससे पाचन बेहतर रहता है। तनाव और अवसाद की समस्या कम होती है। फेफड़े खुलते हैं और अस्थमा जैसी समस्याओं से राहत मिलती है।
कपालभाति प्राणायाम
घर से बाहर नहीं जाना चाहते हैं तो सर्दियों में घर बैठे प्राणायाम का अभ्यास करें। कई प्रकार के प्राणायाम होते हैं। सर्दियों की बीमारियों से बचने के लिए कपालभाति प्राणायाम का अभ्यास किया जा सकता है। कपालभाति प्राणायाम कफ रोग दूर करने में मदद करता है। इसके अभ्यास के लिए सुखासन मुद्रा में बैठकर लंबी सांस लेकर बाएं हाथ को नाभि के पास रखा जाता है और दाएं हाथ से एक नाक को बंद करते हैं। गहरी सांस लेते हुए धीरे-धीरे सांस अंदर-बाहर की जाती है।
सूर्य नमस्कार
सूर्य नमस्कार कई आसनों का सेट है, जिसके अभ्यास से कई स्वास्थ्य समस्याओं से राहत मिलती है। सूर्य नमस्कार करने से इम्यूनिटी मजबूत होती है। शरीर गतिशील होता है और मस्तिष्क शांत रहता है। इस आसन से सर्दियों में शरीर में गर्माहट का एहसास होता है और खांसी जुकाम की समस्या से बचाव होता है।
नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
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