कई महिलाओं को मासिक चक्र के दौरान कब्ज और डायरिया की समस्या हो जाती है। इंदिरा आईवीएफ हॉस्पिटल की गाइनोकोलॉजिस्ट डॉ. निताशा गुप्ता कहती हैं, ‘मासिक चक्र प्रारंभ होने से पहले पेट में मरोड़ और मल त्यागने की आदतों में बदलाव आता है। इस समय आंतें अति सक्रिय हो जाती हैं, इससे डायरिया हो जाता है।
वहीं कुछ महिलाओं में पीरियड्स शुरू होने के एक सप्ताह पहले जी मिचलाना और पेट फूलने की समस्या हो जाती है। इससे बचने के लिए तरल पदार्थों का सेवन अधिक करें। नियमित रूप से एक्सरसाइज करें। कैफीन और जंक फूड्स का सेवन न करें, इससे डायरिया की समस्या बढ़ जाती है।
हरी पत्तेदार सब्जियां, मछली, दही, केले, पपीता का सेवन करें। ऐसा भोजन जिसमें सल्फर की मात्रा अधिक होती है, उसका सेवन भी न करें, जैसे अंडे, प्याज, लहसुन और ब्रोकली आदि। इससे गैस अधिक मात्रा में बनती है। गैस से बचने के लिए शकरकंद, कद्दू, ओट्स और ब्राउन राइस का सेवन अधिक करें।