योग का नियमित अभ्यास बनाना संपूर्ण स्वास्थ्य (मानसिक और शारीरिक) सुधार करने में लाभकारी हो सकता है। मस्तिष्क और तंत्रिकाओं पर विशेष रूप से असर डालने के साथ योग के अभ्यास की आदत शारीरिक निष्क्रियता के कारण होने वाली दिक्कतों को कम करने में भी फायदेमंद है। दिनचर्या में कुछ प्रकार के योगाभ्यासों को शामिल करके आप बेहतर फिटनेस प्राप्त कर सकते हैं। वृक्षासन या ट्री-पोज ऐसे ही कारगर योगाभ्यासों में से एक है, जिसका अभ्यास सभी उम्र के लोग कर सकते हैं। बेहद ही सहज इस योग से आपकी सेहत में काफी सुधार आ सकता है।
Yoga Tips: मानसिक शांति-शारीरिक संतुलन बढ़ाने के लिए करिए वृक्षासन योग, जानिए इसका तरीका और अन्य स्वास्थ्य लाभ
वृक्षासन योग को करने का तरीका
वृक्षासन योग का अभ्यास सभी उम्र के लोग आसानी से करके लाभ पा सकते हैं, हालांकि इसमें शारीरिक संतुलन बनाने के लिए आपको निरंतर अभ्यास करते रहने की आवश्यकता होती है। इस योग को करने के लिए पैरों को एक दूसरे से थोड़ी दूरी पर रखते हुए सीधे खड़े हो जाएं। अपने दाहिने पैर को मोड़ें और फिर बाईं जांघ पर रखें। श्वास भरते हुए हाथों को ऊपर उठाएं, हथेलियों को आपस में मिलाकर नमस्कार मुद्रा बनाएं और मस्तिष्क को ध्यान की स्थिति में रखें।
इस आसन में 10 से 30 सेकेंड तक रहें, फिर सांस छोड़ते हुए हाथों को नीचे लाएं। अगले चरण में बाएं पैर को दाहिने जांघ पर रखते हुए इस मुद्रा का अभ्यास करें।
वृक्षासन योग करने से क्या लाभ है?
योग विशेषज्ञ बताते हैं, वृक्षासन योग कई प्रकार से आपके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य लाभ में फायदेमंद हो सकता है।
- यह योगासन पैरों में संतुलन और स्थिरता में सुधार करता है।
- पैल्विक स्थिरता स्थापित करने में शरीर की सहायता करता है।
- इससे कूल्हों और पैरों की हड्डियों-मांसपेशियों को मजबूती मिलती है।
- आत्मविश्वास बढ़ाने में इस योग के लाभ हैं।
- मानसिक रूप से शांति का अनुभव होता है, चिंता-तनाव विकारों को इससे कम किया जा सकता है।
वृक्षासन योग के दौरान सावधानियां
वृक्षासन या ट्री पोज योग से मस्तिष्क, प्रतिरक्षा, रीढ़ की हड्डी और शारीरिक स्थिरता से संबंधित कई प्रकार के लाभ हैं। इस आसन का नियमित अभ्यास आपको विशेष लाभ प्रदान करता है पर कुछ स्थितियों में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। यदि आपको माइग्रेन, अनिद्रा, रक्तचाप की समस्या रहती है तो इन स्थितियों में वृक्षासन के अभ्यास से पहले योग विशेषज्ञों का सलाह जरूर ले लें।
------------------
नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।