Yoga Tips : योगासन शरीर और मस्तिष्क की सेहत के लिए लाभदायक होता है। नियमित योगाभ्यास से बहुत सारी बीमारियों के खतरे से बचा जा सकता है। योग शरीर को स्वस्थ और लचीला बनाता है, वहीं मन और हार्ट की सेहत को भी बनाए रखता है। घरेलू महिलाएं अक्सर घर के कामकाज के लिए खड़ी रहती हैं, भागदौड़ करती रहती हैं लेकिन ऑफिस जाने वाली कामकाजी महिलाएं अधिकतर डेस्क वर्क करती हैं। ज्यादातर समय कुर्सी पर बैठे रहने से शरीर पर असर पड़ता है। ऐसे में जो महिलाएं डेस्क वर्क करती हैं, उन्हें फिट और एक्टिव रहने के लिए योगासन जरूर करना चाहिए। दिनभर बैठे रहने से पीठ पर प्रभाव पड़ता है, वजन बढ़ सकता है। ऐसे में योगासन शरीर को लचीला और कई बीमारियों से दूर रखने का काम करता है। साथ ही कार्य के दौरान होने वाले मानसिक तनाव को भी कम करता है। आइए जानते हैं कामकाजी महिलाओं के लिए फायदेमंद योगासन।
Yoga Tips: कामकाजी महिलाओं के लिए लाभकारी हैं ये योगासन, नियमित अभ्यास से कई समस्याएं होंगी दूर
पश्चिमोत्तानासन
इस आसन को करने के लिए जमीन पर दोनों पैरों को आगे की ओर फैलाकर बैठ जाएं। अब सांस लेते हुए हाथों को ऊपर उठाएं और सांस छोड़ते हुए हाथों को आगे की ओर ले जाएं। फिर हाथों की उंगलियों से पैरों की उंगलियों को पकड़ें। कोशिश करें कि इस पोज में आपकी नाक घुटने को छुए। कुछ देर इसी अवस्था में रहने के बाद पुन: सामान्य अवस्था में आ जाएं।
फायदे- इस आसन को करने से पेट की चर्बी कम होती है। हड्डियों में लचीलापन आता है। पाचन तंत्र सही रहता है और अनिद्रा की समस्या दूर होती है।
चक्रासन
इस आसन को करने के लिए महिलाएं पीठ के बल लेट जाएं और फिर घुटनो को मोडकर अपने शरीर को ऊपर उठाएं। इस पोज में पेट आसमान की तरफ होना चाहिए। आसन करते समय आपसा शरीर एक पुल की तरह लगता है।
फायदे- तनाव दूर होता है। आंखों की रोशनी तेज होती है। चर्बी कम होती है और हाथ, पैर और पीठ की मांसपेशियां मजबूत होती हैं।
चतुरंग दंडासन
चतुरंग दंडासन करने के लिए संतुलनासन पोज में बैठ जाएं। फिर नीचे की ओर झुकते हुए अपने कोहनी और कंधों को पीठ के स्तर पर ले जाएं।
फायदे- इस आसन के नियमित अभ्यास से पेट एकदम फिट लगता है। कंधे, पैर और पीठ की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। पीठ और कंधे का दर्द दूर होता है।
वशिष्ठासन
वशिष्ठासन करने के लिए सबसे पहले संतुलनासन के पोज में आ जाएं, फिर एक पैर को दूसरे पैर के ऊपर रखिए और अपने हाथ से पूरी बाॅडी का भार उठा लें। ठीक यही प्रक्रिया दूसरी ओर से करें।
फायदे- इस आसन से हाथ, भुजा और कंंधे मजबूत होते हैं। कूल्हे और पैर की हड्डियां भी मजबूत होती हैं।