कई तरह की बीमारियों के लक्षण को कम करने में योगासनों के अभ्यास को विशेषज्ञ काफी कारगर तरीका मानते हैं। अध्ययन भी इस बात की पुष्टि करते हैं कि दिनचर्या में योगासनों के अभ्यास को शामिल करके डायबिटीज और हृदय रोग जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव किया जा सकता है। क्या योगाभ्यास पीलिया की समस्या में भी लाभ दे सकते हैं? जवाब है- हां।
Yoga Tips: क्या पीलिया की समस्या में योगासनों के अभ्यास से मिल सकता है लाभ? जानिए क्या कहते हैं विशेषज्ञ
प्राणायाम अभ्यास सबसे फायदेमंद
योग विशेषज्ञ कहते हैं, प्राणायाम का अभ्यास पीलिया की समस्या में आपके लिए काफी मददगार हो सकता है। कपालभाति और अनुलोम विलोम जैसे योगासन पेट के अंगों विशेषकर लिवर को टोन और मजबूत करने में मदद करते हैं, जिससे इसका कार्य आसान होता है। लिवर को स्वस्थ रखकर पीलिया की समस्या से बचाव किया जा सकता है। प्राणायाम शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने वाले अभ्यास भी हैं।
सर्वांगासन का अभ्यास
सर्वांगासन को योग विशेषज्ञ उन कारगर योगाभ्यासों में से एक मानते हैं जिससे पूरे शरीर को लाभ पहुंचाता है। इस आसन में पूरे शरीर का भार कंधों और गर्दन पर टिका होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रतिरक्षा प्रणाली के मजबूती देने के साथ लिवर की समस्या को कम करने में सर्वांगासन का अभ्यास करना आपके लिए विशेष लाभकारी हो सकता है। इतना ही नहीं जो लोग नियमित रूप से इस योग का अभ्यास करते हैं उनमें कई तरह की बीमारियों के विकसित होने का जोखिम कम होता है।
पद्मासन योग से मिलेगा लाभ
पीलिया की समस्या में लोटस पोज़ (पद्मासन) योग के अभ्यास को भी विशेषज्ञ काफी फायदेमंद मानते हैं। यह आसन आंतरिक अंगों की मालिश करने के साथ रक्त परिसंचरण और हार्मोन संतुलन को बढ़ाने में मदद करता है। लिवर की समस्याओं को ठीक करने के साथ प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूती देने में पद्मासन योग के नियमित अभ्यास से लाभ प्राप्त किया जा सकता है। सभी आयु के लोग इस योगाभ्यास से लाभ पा सकते हैं।
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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
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