चक्रासन या उर्ध्व धनुरासन योग का अभ्यास शरीर की कई बड़ी मांसपेशियों के साथ जांघों, पेट और बाहों को टोन करने में मदद करता है। जिन लोगों को शरीर की मुद्रा में गड़बड़ी के कारण स्वास्थ्य समस्याएं होती हैं, ऐसे लोगों के लिए इस योगाभ्यास का नियमित अभ्यास करना विशेष लाभप्रद हो सकता है। चक्रासन योग पैरों से लेकर सिर तक के सभी अंगों के लिए कारगर हो सकता है। इसका शरीर के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी लाभ देखा गया है, चिंता-तनाव की समस्याओं से परेशान लोग भी इस योग के नियमित अभ्यास की आदत बनाकर लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
Yoga Tips: ऊर्जा से लेकर मांसपेशियों की शक्ति बढ़ाने के लिए फायदेमंद है चक्रासन योग, क्या आप करते हैं अभ्यास?
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चक्रासन योग कैसे किया जाता है?
चक्रासन योग का अभ्यास हमेशा किसी विशेषज्ञ की देखरेख में की जानी चाहिए क्योंकि इसमें होने वाली किसी भी तरह की असावधानी आपके लिए समस्याओं का कारण बन सकती है। इस अभ्यास को करने के लिए पीठ के बल लेट जाएं और दोनों पैरों के बीच अंतर बनाकर कोहनियों को मोड़कर हथेलियों को समतल जमीन पर टिका ले। अब कमर, पीठ तथा छाती को ऊपर की ओर उठाएं। इस स्थिति में शरीर का आकार एक चक्रनुमा हो जाता है। कुछ समय के लिए इसी अवस्था में रहें और फिर पूर्ववत स्थिति में आ जाएं।
चक्रासन योग करने से क्या होता है?
चक्रासन योग का अभ्यास शरीर और मन दोनों को स्वस्थ रखने में आपके लिए सहायक हो सकता है। कई प्रकार की बीमारियों के लक्षणों को कम करने के लिए भी इस योग के अभ्यास से लाभ प्राप्त किया जा सकता है।
- शरीर के ऊर्जा को बढ़ाता है।
- हाथ, पैर, रीढ़ और पेट के अंगों को मजबूती देता है।
- छाती और कंधों की बेहतर स्ट्रेचिंग में सहायक है।
- कोर की मांसपेशियों के लिए फायदेमंद अभ्यास है।
- रीढ़ में लचीलेपन को बढ़ाता है।
- कमर, पीठ, पैरों में दर्द की समस्या से राहत दिलाने वाला अभ्यास है।
इन सावधानियों का रखें ध्यान
चक्रासन योग का अभ्यास अपेक्षाकृत कठिन माना जाता है और इसमें बरती गई लापरवाही कई प्रकार से शरीर को चोट पहुंचा सकती है, ऐसे में इसके अभ्यास के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर की समस्या रहती है या गर्भवती महिलाओं को इसका अभ्यास न करने की सलाह दी जाती है। यदि आपको हाथों या कंधों पर चोट लगी हो तो भी इस योग के अभ्यास से बचाव करना चाहिए।
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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।