Yoga Tips For kids: योग हर तरह की शारीरिक और मानसिक समस्याओं के समाधान का एक बेहद विकल्प है। योगासन से मन और तन दोनों स्वस्थ रहते हैं। तरह-तरह की बीमारियां प्रतिदिन योगासन करने से दूर हो जाती हैं। योग का उम्र से कोई नाता नहीं होता। बच्चे हों या बड़े लोग, सभी के लिए योग फायदेमंद होता है। आज बच्चों के लिए योग के महत्व के बारे में जानेंगे। कई बच्चे पढ़ाई को लेकर अपना पूरा ध्यान नहीं दे पाते। पढ़ाई के दौरान मस्तिष्क इधर-उधर की बातों में लगा रहता है और ध्यान भटकने से बच्चे जल्दी ज्ञानवर्धक बातों को नहीं सीख पाते हैं। इसमें बच्चों की गलती नहीं होती। ये मस्तिष्क के एकाग्र न होने की वजह से होता है। ऐसे में योग मन और मस्तिष्क को एकाग्र करने में मदद करता है। अगर आपको भी अपने बच्चों में ये समस्या दिखती है तो उन्हें दो खास योगासन करवाना शुरू करें। इन योगासन से बच्चों का ध्यान केंद्रित होगा और याददाश्त तेज होने के साथ ही पढ़ाई में मन भी लगेगा। चलिए जानते हैं कि ध्यान केंद्रित करने और याददाश्त तेज करने के लिए कौन सा योगासन करना चाहिए।
Yoga Tips: पढ़ाई में नहीं लगता बच्चे का मन, तो जरूर कराएं ये दो योगासन
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ध्यान केंद्रित करने के लिए करें वृक्षासन
-वृक्षासन शरीर का संतुलन और ध्यान एकाग्र करने में मदद करता है। इस योगासन को करने के लिए सबसे पहले दोनों पैरों पर सीधे खड़े हो जाएं।
-अब अपने बाएं पैर पर संतुलन बनाते हुए दाएं पैर को मोड़कर उसका तलवा बाएं पैर की अंदरूनी जांघ पर रखें।
-इस दौरान आपके दाएं पैर का पंजा जमीन की तरफ होना चाहिए।
-इसी पोज में कुछ देर रहें और संतुलन बनाए रखें।
-अब हाथों को जोड़कर सिर के ऊपर ले जाएं।
-कुछ देर इसी स्थिति में रहें के बाद दूसरे पैर से भी यह प्रक्रिया करें।
वृक्षासन के फायदे
-वृक्षासन को ट्री पोज कहते हैं। इस योगासन से दिमाग का संतुलन बढ़ता है।
-ध्यान लगाने की क्षमता बढ़ती है।
-पैर मजबूत होते हैं।
-साइटिका की समस्या से राहत मिलती है।
याददाश्त मजबूत करने के लिए सर्वांगासन करें
-सबसे पहले मैट पर पीठ के बल सीधे लेट जाएं। मुख आकाश की ओर करके दोनों हाथों को सीधे पैरों की दिशा में ज़मीन पर रखे।
-अपनी आंखें बंद कर लें। अब गहरी सांस शरीर के अंदर की और लें। इसके साथ ही दोनों पैरों को सामान्य गति से ऊपर आकाश की ओर उठाएं।
-पैरों के साथ ही कमर को भी धीरे धीरे ऊपर उठाएं। पैर आकाश में 90 डिग्री की सीध में हों तो कमर और पीठ को ऊपर उठाएं।
-इसके लिए अपने दोनों हाथों का सहारा लें। हाथों की कोहनियों को जमीन पर ही रखें।
-हथेलियों से पीठ को सहारा देते समय ध्यान रखें कि दोनों हाथ के अंगूठे पेट की ओर होने चाहिए और हाथों की चार चार उंगलियां पीठ पर आमने-सामने हों।
-इस स्थिति में थोड़ी देर रहे, फिर धीरे धीरे अपने हाथों और कंधों के सहारे को हटा कर कमर को नीचे लाएं। और फिर पैरों को जमीन पर वापस ले आएं।
सर्वांगासन करने के फायदे
-हाथ-कंधों की मांसपेशियां मजबूत बनती हैं।
-मेमोरी तेज होती है।
-मस्तिष्क में एनर्जी का फ्लो बेहतर होता है।
-आंखों की रोशनी बढ़ती है।
-चेहरे पर ग्लो आता है।
-डायबिटीज कंट्रोल होती है।