दुनियाभर में कोरोना वायरस का असर देखने को मिला। कोविड लहर में डेल्टा, ओमिक्रॉन समेत कई वैरिएंट की चपेट में कई लोग आ गए। कोविड वैरिएंट पर हुए अध्ययनों में पता चला कि ओमिक्रॉन के लक्षण डेल्टा की तुलना में हल्के स्तर के हैं। लेकिन कोरोना के किसी भी वैरिएंट से संक्रमित होने वाले संक्रमण को हल्के में न लें। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, जो लोग संक्रमित हो चुके हैं, उन्हें अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। कोविड से रिकवरी कर रहे मरीजों को अपने आहार पर भी ध्यान देना चाहिए। वहीं स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, कोरोना से संक्रमित हो चुके लोगों को रिकवरी के दौरान योगासन को भी अपनी जीवनशैली में शामिल करने की जरूर है। कुछ योगासनों के नियमित अभ्यास से संक्रमण से तेज रिकवरी हो सकती है। इसके अलावा कुछ योगासन ऐसे भी हैं, जिनका अभ्यास शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ाता है। कोरोना से शरीर कमजोर हो सकता है। ऐसे में कठिन योगासन न करें, बल्कि इम्यूनिटी मजबूत करने और रिकवरी में सहायक योगासन करें। ये रहे कोरोना से रिकवरी में मददगार योगासन।
आज का योग: कोविड से कर रहे हैं रिकवरी तो इन योगासनों से मिल सकती है आपको मदद, दिनचर्या में जरूर शामिल करें
कैट काऊ पोज
मार्जरी आसन को ही कैट काऊ पोज कहते हैं। योग विशेषज्ञ इस आसन को कोरोना से तेज रिकवरी में बहुत फायदेमंद मानते हैं। इस आसन को करने से शरीर की स्ट्रेचिंग होती है, साथ ही तनाव दूर होता है। रीढ़ और पेट के अंगों का मसाज भी हो जाता है जो लाभदायक हो सकता है। बीमारी के कारण शरीर में होने वाले दर्द को इस योगासन के अभ्यास से दूर किया जा सकता है।
बटरफ्लाई पोज
बटरफ्लाई पोज को बद्ध कोणासन कहते हैं। कोरोना से रिकवरी और पोस्ट कोविड खतरों को कम करने के लिए इस योगासन का नियमित अभ्यास फायदेमंद है। इस आसन से जांघों, कमर और घुटनों की स्ट्रेचिंग होती है, शरीर में लचीलापन आता है। कोविड के कारण शरीर में थकान हो जाती है, जिसे दूर करने के बटरफ्लाई योगासन रोजाना करें।
प्राणायाम
वैसे तो प्राणायाम का अभ्यास हर किसी के लिए लाभदायक है, लेकिन कोरोना संक्रमितों को नियमित प्राणायाम करना चाहिए। इससे संक्रमण की वजह से होने वाली कई तरह की शारीरिक समस्याएं दूर होती हैं। श्वसन बेहतर होने के साथ ही शरीर में रक्त संचार बेहतर होता है। कोविड के कारण मरीज का मानसिक स्वास्थ्य में नकारात्मकता आ सकती है। प्राणायाम इसे दूर करने में भी असरदार है।
मकरासन योग
मकरासन को क्रोकोडाइल पोज कहते हैं। कोरोना के बाद दोबारा शरीर को ताकत देने और पोस्ट कोविड जटिलताओं के खतरे को दूर करने के लिए मकरासन योग करने की सलाह दी जाती है। इस योगासन के नियमित अभ्यास से इम्यूनिटी बढ़ती है, साथ ही कंधों और रीढ़ की हड्डी को भी मजबूती मिलती है। अस्थमा, घुटने के दर्द और फेफड़ों संबंधित समस्याएं भी ठीक करने में ये योगासन फायदेमंद है।