योग करना सेहत के लिहाज से बहुत फायदेमंद है। योग को आसान और सरल बनाने में बहुत से गुरुओं का अहम योगदान है। योग के गुरुओं ने सही शिक्षा देकर योग जैसे लाभकारी प्रक्रिया को घर-घर पहुंचाया लेकिन अभी भी बहुत से लोगों के मन में योग को लेकर कुछ भ्रांतियां है। जिसकी वजह से वो योग को करने में सहज नहीं होते हैं। आइए जानें वो कौन से मिथक हैं जिन्हें दूर करना बहुत जरूरी है।
ये हैं योग के वो सात मिथक जिन्हें दूर करना है बहुत जरूरी
तथ्य: बहुत से लोग ऐसा सोचते हैं कि परंपरागत योग को करने से मोटापा और वजन घटने में कोई मदद नहीं मिलती है। लेकिन अगर सही तरीके से सही गुरु की मदद से योग किया जाए तो बिना किसी गलत प्रभाव के यह शरीर का वजन घटाने में बहुत मदद करता है।
तथ्य: सच्चाई यह है कि योग चाहे महिला हो या पुरुष दोनों ही कर सकते हैं। आजकल योग के ज्यादातर गुरु पुरुष ही मिलते हैं। योग को अपनाने के लिए किसी धर्म, जाति, लिंग या उम्र के भेदभाव की जरूरत नहीं है। योग के लिए एक खुली विचारधारा की जरूरत है।
तथ्य: योग एक कला है जिसे लगातार करने से शरीर में लचीलापन स्वत: आ जाता है चाहे किसी इंसान ने अपने पूरे जीवन में कभी भी किसी तरह का व्यायाम किया हो या नहीं।
तथ्य: योग केवल एक व्यायाम नहीं है जिससे शरीर का मात्र वजन घटता है। योग एक कला है जिसे करने से शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से आराम मिलता है।