दुनियाभर में तमाम तरह के स्वास्थ्य लाभ के लिए वर्षों से योगासनों का अभ्यास किया जाता रहा है। योगासनों को दैनिक जीवन में शामिल करना मन और शरीर दोनों को ही अनेकों प्रकार से लाभ दे सकता है। पिछले कुछ वर्षों में जिस तरह से लोगों में तनाव और अवसाद जैसे मानसिक विकारों के साथ कई तरह की शारीरिक स्वास्थ्य की समस्याएं बढ़ती हुई देखी गई हैं, ऐसे में नियमित रूप से योगासनों का अभ्यास करना आपके लिए बहुत फायदेमंद हो सकता है। कई योगासनों को शारीरिक और मानसिक क्षमता को बढ़ाने में भी काफी कारगर पाया गया है।
आज का योग: सबसे आसान पर अत्यंत प्रभावी है सुखासन योग का अभ्यास, जानिए इससे होने वाले सेहत को लाभ
सुखासन योग कैसे किया जाता है?
सुखासन योग का अभ्यास काफी सरल है जिसे कोई भी कर सकता है। नियमित रूप से इस योगासन की आदत डालकर आप लाभ प्राप्त कर सकते हैं। इस योग का अभ्यास करने के लिए सबसे पहले दोनों पैरों को क्रॉस करते शांत अवस्था में बैठ जाइए। रीढ़ की हड्डी को सीधा करते हुए कंधों को तानकर रखें। इस अवस्था में लंबी सांस भरें और छोड़ें। शरीर को सीधा रखने पर विशेष ध्यान दें। अपनी क्षमतानुसार रोजाना इस योग का अभ्यास करने की आदत बनाएं।
सुखासन योग के क्या लाभ हैं?
शारीरिक और मानसिक दोनों ही तरह की सेहत के लिए सुखासन योग के नियमित अभ्यास को लाभकारी माना जाता है। पीठ से लेकर कमर और पैरों तक की मांसपेशियों की स्ट्रेचिंग और पूरे शरीर में रक्त के संचार को बेहतर बनाए रखने में इस योग के अभ्यास के लाभ माने जाते हैं।
- यह आपकी रीढ़ को फैलाने के साथ इससे संबंधित समस्याओं को दूर करता है।
- कॉलरबोन और छाती को चौड़ा करता है।
- दिमाग को शांत करके कई तरह की समस्याओं से राहत दिलाता है।
- चिंता, तनाव और मानसिक थकान से बचाव करता है।
- यह शरीर की मुद्रा में सुधार करने में मदद करता है।
- पीठ और रीढ़ की मजबूती के लिए इसके लाभ हैं।
- आपके टखनों और घुटनों के लिए इसे लाभदायक माना जाता है।
इन बातों का रखें ध्यान
जैसा कि नाम से पता चलता है, सुखासन योग मुद्रा, एक सरल और आरामदायक आसन है, हालांकि इसमें विशेष एकाग्रता की आवश्यकता होती है। जिन व्यक्तियों को पीठ या कमर में दर्द रहता है, उन्हें इसका अभ्यास कम समय के लिए करना चाहिए। इसके अलावा यदि आपके घुटने में चोट लगी है तो भी इस स्थिति में लंबे समय तक न बैठें। आसन और प्राणायाम करने से पहले हमेशा किसी योग विशेषज्ञ से सलाह लें।
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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
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