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ओमिक्रॉन वैरिएंट के तेजी से बढ़ते मामलों ने दुनियाभर के स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है। पिछले एक महीने की बात करें तो पूरी दुनिया में कोरोना के इस वैरिएंट के कारण संक्रमण के आंकड़ों में तेजी से उछाल देखने को मिला है। भारत में भी कोरोना के इस वैरिेएंट ने तेजी से संक्रमण फैलाया है, पिछले चार दिनों की बात करें तो रोजाना संक्रमण के मामले ढाई लाख से अधिक के आ रहे हैं। देखते ही देखते कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट से संक्रमितों की संख्या भी 8 हजार के आंकड़े को पार कर गई है। अध्ययनों से पता चलता है कि इस वैरिएंट से संक्रमितों में भी कमोबेश उसी तरह के लक्षण देखने को मिल रहे हैं, जैसा कि डेल्टा और अन्य वैरिएंट्स में देखने को मिल रहे थे। हालांकि कुछ रोगियों में ओमिक्रॉन के कारण गले में खरोंच और रात में अधिक पसीना आने जैसी समस्या भी देखने को मिली है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक कोरोना के ज्यादातर संक्रमितों को बुखार के साथ गले में खराश, खांसी, छींक आने और बदन दर्द की समस्या हो रही है। खांसी की समस्या कोरोना के लगभग सभी वैरिएंट्स से संक्रमितों में काफी सामान्य देखी जा रही है। ओमिक्रॉन संक्रमितों को भी इस तरह की दिक्कत हो रही है। आइए आगे की स्लाइडों में जानते हैं कि कोरोना संक्रमण के दौरान होने वाली खांसी की समस्या को कैसे ठीक किया जा सकता है?
विशेषज्ञ से जानिए: कोविड के दौरान होने वाली खांसी से कैसे पाएं राहत, कौन से तरीके हो सकते हैं कारगर?
संक्रमण के दौरान खांसी की समस्या
अमर उजाला से बातचीत में श्वांस रोगों के विशेषज्ञ डॉ सौरभ अवस्थी बताते हैं, कोविड-19 सांस से संबंधित की बीमारी है। कोरोना वायरस के तमाम वैरिएंट्स श्वसन तंत्र को लक्षित करके शरीर में बीमारी बढ़ाते हैं। डेल्टा हो या ओमिक्रॉन, यह ऊपरी श्वसन प्रणाली को प्रभावित करता है जिससे गले में खराश और खांसी जैसे लक्षण होते हैं। कोरोना के रोगियों में खांसी की समस्या होना सबसे आम मानी जाती है। लैंसेट के अध्ययन के अनुसार, 60-70 रोगसूचक कोरोनावायरस रोगियों को प्रारंभिक लक्षण के रूप में सूखी खांसी का अनुभव होता है।
खांसी से कैसे पाएं राहत?
डॉ सौरभ बताते हैं, खांसी की समस्या रोगियों के लिए काफी असहजता का कारण बनती है। खांसी शरीर का ऐसा तंत्र है जो सांस लेने के मार्ग को साफ करने में मदद करती है। कोरोना के अलावा फ्लू जैसे संक्रमण के कारण भी लोगों को खांसी आने की समस्या हो सकती है। गरारे करने, डॉक्टरों द्वारा बताई गई एंटी-एलर्जिक दवाओं आदि के माध्यम से खांसी से छुटकारा पाया जा सकता है। खांसी की समस्या से राहत पाने के लिए गर्म पानी पीना भी लाभदायक माना जाता है।
क्या एंटीबायोटिक दवाओं का करना चाहिए सेवन?
डॉ सौरभ कहते हैं, कोविड-19 एक वायरल बीमारी है और यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि वायरल संक्रमण पर एंटीबायोटिक दवाओं का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। एंटीबायोटिक्स केवल द्वितीयक जीवाणु संक्रमण के उपचार में प्रभावी होते हैं। कोविड-19 वाले रोगियों को किसी भी दवा का सेवन बिना डॉक्टर के सलाह के नहीं करना चाहिए। जहां तक खांसी को ठीक करने की बात है तो घरेलू उपायों या डॉक्टर की सलाह पर कफ सीरप लेकर इसे ठीक किया जा सकता है।
ओमिक्रॉन से संक्रमित हो गए हों तो क्या करें?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, यदि आप कोरोना के तेजी से बढ़ते ओमिक्रॉन वैरिएंट से संक्रमित हो गए हैं तो घबराने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है। ओमिक्रॉन के कारण गंभीर रोग के मामले कम देखने को मिल रहे हैं। संक्रमितों को रोग की पुष्टि के बाद खुद को 14 दिनों के लिए आइसोलेट कर लेना चाहिए, इस दौरान डॉक्टर से संपर्क में रहते हुए उनके द्वारा सुझाई गई दवाओं का ही सेवन करें। शरीर की पौष्टिकता का ध्यान रखें, स्वस्थ आहार का सेवन करें। ज्यादातर रोगियों में 5-7 दिनों के बीच लक्षण ठीक हो जाते हैं। यदि आपको इसके बाद भी समस्या बनी रहती है तो चिकित्सकीय सहायता लें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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