योग भारत की विरासत है जिसे युगों-युगों से सेहत को बेहतर बनाए रखने के लिए अभ्यास में लाया जाता रहा है। चाहे आप अपना वजन कम करना चाहते हैं या मन को शांत रखने की कोशिश है, योग इन सभी में आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। योगासन शरीर के सभी अंगों की बेहतर स्ट्रेचिंग के साथ तनाव-चिंता को कम करके मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने का सबसे कारगर साधन माने जाते हैं।
Yoga Tips: मयूरासन योग अभ्यास कई बीमारियों में आपके लिए फायदेमंद, जानिए इसके लाभ और सावधानियां
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मयूरासन अभ्यास का तरीका
मयूरासन योग करने के लिए आपको विशेष पारंगतता की आवश्यकता होती है, इसलिए किसी विशेषज्ञ की निगरानी में ही इसे करना उचित माना जाता है। इस अभ्यास के लिए सबसे पहले दोनों हाथों को दोनों घुटने के बीच में रखें और कोहनियों को नाभि केंद्र के रखें। अब हाथों पर बराबर वजन देकर धीरे-धीरे पैरों को उठाएँ।
हाथ के पंजे और कोहनियों पर पूरा बल लगाते हुए सामने की ओर झुकें। इस स्थिति में दोनों पैर हवा में बने रहते हैं। कुछ देर तक इसी अवस्था में बने रहें और फिर पूर्ववत स्थिति में आ जाएं। योग के अभ्यास को धीरे-धीरे करने का प्रयास करें।
मयूरासन अभ्यास करने के लाभ
मयूरासन अभ्यास आपके लिए कई प्रकार से फायदेमंद हो सकता है। कई गंभीर बीमारियों के लक्षणों को कम करने में भी इस योग के अभ्यास को कारगर पाया गया है।यह अभ्यास आपके कोर, छाती, बाहों, जांघों और कलाई को मजबूत करता है।
जर्नल अल्टरनेटिव थेरेपीज इन हेल्थ एंड मेडिसिन में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि यह योगाभ्यास गैस्ट्रोओसोफेगल रिफ्लक्स की समस्याओं को कम करके पाचन को ठीक रखने में आपको लाभ दे सकता है। सीने और पेट में दर्द, उल्टी, वजन घटाने और चिंता से पीड़ित लोगों के लिए मयूरासन का अभ्यास करना कई प्रकार से फायदेमंद हो सकता है।
ये सावधानियां बहुत जरूरी
कुछ स्थितियों में मयूरासन अभ्यास को लेकर विशेषज्ञ सावधानी बरतने की सलाह देते हैं।
- यदि आपको कलाई या कोहनी में चोट लगी है तो इस योग के अभ्यास से बचाव करना बहुत आवश्यक हो जाता है, क्योंकि इस योग मुद्रा के दौरान इन हिस्सों में अधिकतम दबाव का अनुभव होता है।
- गर्भवती महिलाओं और मासिक धर्म के दौरान इस योग के अभ्यास को न करने की सलाह दी जाती है।
- सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस और उच्च रक्तचाप से पीड़ित लोगों को भी इस योग का अभ्यास नहीं करना चाहिए।
योग को हमेशा किसी विशेषज्ञ की निगरानी में ही करें, इसमें होने वाली गलती गंभीर चोट का कारण बन सकती है।
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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।