आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग
हंसना भूल गए हैं। हंसने के लिए हमें आज
वॉट्सअप या फिर अन्य
सोशल साइट पर दिखने वाले चुटकुलों का सहारा लेना पड़ता है। काम की टेंशन ने हर इंसान को मशीन बनाकर रख दिया है।
बावजूद इसके हम चाहते हैं कि हम फिट और तंदुरुस्त जीवन बिताए। क्या वाकई ऐसा संभव हो सकता है ? मनुष्य की अच्छी सेहत उसके अच्छे दिमाग की निशानी है। हम जिम में पसीना बहाकर सोचते है कि हम फिट हो गए हैं। लेकिन हकीकत में ऐसा नहीं है।
जिम में कसरत करने से हम केवल अपनी कैलोरी बर्न कर सकते है। लेकिन दिल में छुपी टेंशन तो हंसने से ही कम होगी। जिसके लिए हंसना बेहद जरूरी है। आइए इस वर्ल्ड लाफ्टर डे पर जानें हंसना क्यों और कितना जरूरी है?
मई के हर पहले रविवार को वर्ल्ड लाफ्टर डे के रूप में मनाया जाता है। इसके संस्थापक डॉ मदन कटारिया थे। सबसे पहले इसे साल 1998 में 11 जनवरी को मुंबई में मनाया गया था। हंसने से ब्लड सर्कुलेशन अच्छा होता है और आपका चेहरा खिल उठता है। साथ ही शरीर में रोग-प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है
हंसने से आपके दिल को ज्यादा मात्रा में ऑक्सीजन मिलती है और इससे आपका दिल मजबूत बनता है।
रोज हंसने से कैलोरी बर्न होती है, जिससे मोटापा भी काबू में रहता है।
जोर-जोर से हंसने से पेट की आंतों में कंपकपी होती है जिससे पेट के रोग दूर होते हैं।साथ ही हंसने से टेंशन भी दूर होती है और रात को नींद अच्छी आती हैं।