बच्चे बडे़ ही मासूम होते हैं, और जब वे किसी बीमारी का शिकार होते हैं तो छोटे बच्चों के साथ सबसे ज्यादा दिक्कत होती है कि वे अपनी समस्या के बारे में कुछ कह तक नहीं पाते हैं। वहीं, आज के दौर में कई ऐसी बीमारियां हैं जो बच्चों को पल भर में अपना शिकार बना लेती है, जिसका बुरा असर उनके स्वास्थ्य पर पड़ता है। अब दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान यानी एम्स की एक स्टडी को ही ले लीजिए, जिसके मुताबिक कोरोना वायरस महामारी के कारण 41.7 फीसदी बच्चे डिप्रेशन का शिकार हैं। ऐसे में बच्चों और उनके माता-पिता के लिए ये बेहद चिंता का विषय है। इसलिए बच्चों को डिप्रेशन से बाहर निकालने के लिए माता-पिता को कई तरह के काम करने पड़ते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ योगासन ऐसे भी हैं जो इसमें आपके बच्चों की मदद कर सकते हैं। बस आपके बच्चों को ये योगासन रोजाना करने चाहिए। तो चलिए जानते हैं इन योगासन के बारे में, जिनसे आपके बच्चों को लाभ मिल सकता है।
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बच्चों में बढ़ रहा है डिप्रेशन का खतरा, ये 4 योगासन कर सकते हैं मदद
Thu, 08 Jul 2021 02:44 PM IST
प्रकाश चंद जोशी
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्रकाश चंद जोशी
Updated Thu, 08 Jul 2021 02:44 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : iStock
Chakrasana
- फोटो : istock
चक्रासन
- इसमें आपको सबसे पहले पीठ के बल लेटना है और पिर घुटनों को मोड़ते हुए एड़ी को जितना हो सके अपने नितंब के पास लाना है। फिर अपने हाथों को उठाएं और उन्हें अपने कानों के बगल में रखें। इस दौरान हथेलियों को फर्श से लगाना है और उंगलियों की दिशा कंधों की तरफ होनी चाहिए। फिर आपको अपने पैरों के साथ ही अपने हथेलियों का उपयोग करते हुए शरीर को ऊपर उठाना है। इसके बाद आपको अपने कंधों और जांघों को स्ट्रेच करना है। इस अवस्था में थोड़ी देर रहिए और फिर धीरे-धीरे से आराम की अवस्था में आ जाए।
Sarvangasana
- फोटो : Amar Ujala
सर्वांगसान
- सबसे पहले आपको मैट पर सीधे लेटना है, फिर कमर को नीचे की तरफ से धीरे-धीरे ऊपर की तरफ उठाएं। ये 90 डिग्री का आकार बनता हुआ होना चाहिए। इस दौरान अपनी कमर को अपने हाथों से पकड़े रहें। फिर थोड़ी देर इसी आसान में रूके और धीरे-दीरे करके पुरानी मुद्रा में वापस आएं।
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Paschimottanasana
- फोटो : istock
पश्चिमोत्तानासन
- इसमें पैर फैलाकर बैठना है और फिर अपने दोनों पैर आपस में सटाने हैं और घुटनों को बिल्कुल सीधा करना है। इसके बाद सांस धीरे-धीरे छोड़ें और दोनों हाथों को ऊपर उठाएं। फिर आपको धीरे-धीरे सांस छोड़नी है और आगे की तरफ झुककर माथे को घुटनों से सटाते हुए हाथों से पैरों के दोनों अंगूठों को पकड़ने का प्रयास करना है। कुछ देर तक इसें करें और इसके बाद समान्य रूप से सांस लेते रहें।
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हलासन
- फोटो : social media
हलासन
- इसमें आपको अपनी पीठ के बल लेटना है और अपने हाथों को शरीर से चिपका यानी सटा लेना है। ध्यान रहे इस दौरान हथेलिया जमीन की तरफ रहेंगी। सांस को अंदर की तरफ खींचते हुए धीरे-धीरे पैरों को ऊपर की तरफ उठाएं। टांगे कमर से 90 डिग्री का कोण बनाती हुई होनी चाहिए। फिर टांगों को ऊपर उठाते हुए अपने हाथों से कमर को सहारा दें। इसके बाद सीधे टांगों को सिर की तरफ झुकते हुए पैरों को सिर के पीछे ले जाएं। फिर अपने पैरों के अंगूठे से जमीन को छूने की कोशिश करें, लेकिन इस दौरान कमर जमीन के बराबर रहेगी। आखिर में इसी मुद्रा में धीरे-धीरे सांस लेते हुए कुछ देर समय बिताएं और फिर अपने पैरों को धीरे-धीरे नीचे लाते हुए इस आसान से बाहर आ जाएं।