प्रभा किरण
Health Tips: दिन में गर्मी और रात में सर्दी, बदलते मौसम में बीमार होने से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान
बीमारियों का उन लोगों को ज्यादा खतरा रहता है, जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता पहले से कमजोर होती है। ऐसे में जरूरत है कि बदलते मौसम के अनुसार, जीवन-शैली में कुछ बदलाव किए जाएं।
पंखा न चलाएं
मौसम तेजी से बदल रहा है, इसलिए सुबह-शाम ठंड और दोपहर में गर्मी महसूस होती है। ऐसे में जो लोग दोपहर को बाहर से आते हैं, उन्हें घर आते ही पंखा चलाने की इच्छा महसूस होती है, लेकिन ऐसी गलती भूलकर भी न करें, क्योंकि बीमारी की सबसे बड़ी वजह यही है। इससे सर्दी-गर्मी हो जाती है, जिससे कुछ देर बाद बुखार महसूस होने लगता है। इसलिए जब भी बाहर से आए, गर्मी महसूस हो तो भी पंखा न चलाएं, बल्कि कुछ देर आराम से बैठें। तापमान अपने आप सामान्य लगने लगेगा।
साफ-सफाई का ध्यान
जुकाम और फ्लू जैसी बीमारियों से बचने का सबसे आसान तरीका है हाथों को साफ रखना। हमारे हाथ हमेशा ही गंदे रहते हैं, क्योंकि ज्यादातर लोग अपने हाथों को सामने रखकर खांसते या छींकते हैं या फिर पूरे समय अपनी नाक को हाथों से ही पोंछते रहते हैं। इसलिए अपने हाथों को साबुन और पानी से अच्छी तरह धोना बेहद जरूरी है। अगर आप ऐसी जगह पर हैं, जहां आप हैंडवॉश नहीं कर सकतीं, तो सैनिटाइजर अपने साथ रखें और इसका इस्तेमाल करती रहें। अस्थमा से पीड़ित हैं तो खुद को गरम रखें और डॉक्टर के बताए सभी निर्देशों का पालन करती रहें। अगर एक्जिमा हो गया है तो त्वचा पर नारियल या सूरजमुखी का तेल लगाती रहें और डॉक्टर की सलाह पर दवाएं खाएं।
कौन-सा आहार
जिन्हें जल्दी जुकाम, बुखार जैसी बीमारियां जकड़ लेती हैं, उनका इम्यून सिस्टम कमजोर होता है। ऐसी महिलाओं को अपने आहार में ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए, जो इम्यूनिटी को मजबूत बनाएं। आप ग्रीन टी या ब्लैक टी पी सकती हैं, लेकिन दिन में केवल एक या दो कप ही पीएं। इसे ज्यादा पीना नुकसानदायक हो सकता है। इसके अलावा आप कच्चा लहसुन, दही, ओट्स, विटामिन डी और सी युक्त पदार्थ, जैसे कि नींबू और आंवले का सेवन कर सकती हैं।
मौसम के साथ बदलाव
बदलते मौसम में मूड स्विंग ज्यादा होता है, इसलिए आप आहार में कार्बोहाइड्रेट ज्यादा मात्रा में लें। ये आहार मूड स्विंग और अवसाद से दूर रखता है और दिल-दिमाग को अच्छा महसूस कराता है। चावल, गेहूं, सेब और ड्राई फ्रूट्स में कार्बोहाइड्रेट ज्यादा पाया जाता है। आप अपने आहार में विटामिन डी को भी शामिल करें। इस मौसम में फल और सब्जियों का ज्यादा सेवन करना चाहिए, खासतौर पर हरी सब्जियों का। गाजर, मूली, टमाटर जैसी सब्जियां अधिक मात्रा में लेनी चाहिए, क्योंकि इन में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट आपको बीमारियों से बचाते हैं।
रोगियों से दूरी
अगर आपकी तबीयत खराब है तो आप घर पर ही रहकर आराम करें या फिर वर्क फ्रॉम होम कर लें, ताकि बाकी लोग बीमार पड़ने से बच जाएं। इंफेक्शन से बचने के लिए भीड़-भाड़ वाले इलाके में न जाएं। अगर कोई व्यक्ति पहले से ही जुकाम या बुखार से पीड़ित है तो उससे हाथ मिलाने या गले लगने से बचें और दूरी बनाकर रखें।
बच्चों पर ज्यादा असर
मौसम का बदलाव और बच्चों की परीक्षाएं, दोनों एक साथ आती हैं, इसलिए माता-पिता को बच्चे की देखभाल और जीवन-शैली का विशेष ध्यान रखना चाहिए, ताकि बच्चे बीमार न पड़ें और परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकें। बच्चों के सही आहार, नींद, व्यायाम और खेलकूद पर भी ध्यान देना चाहिए। इस मौसम में बच्चों को बुखार, नाक बंद होना, खांसी, गले में खराश, छींक आना, शरीर में दर्द और संक्रमण होने लगते हैं। इस मौसम में बच्चों को केवल सर्दी-जुकाम ही परेशान नहीं करता, बल्कि उल्टी, दस्त, त्वचा में संक्रमण, पेट के रोग, डिहाइड्रेशन, निमोनिया भी हो सकता है।
बच्चे खान-पान और रहन-सहन को लेकर लापरवाही बरतते हैं, जिससे वे बीमारी का शिकार हो जाते हैं। बच्चे जरा-सी गर्मी महसूस होते ही टोपी और जुराब आदि पहनना बंद कर देते हैं। शाम को अचानक सर्दी शुरू होते ही वे ठंड की चपेट में आ जाते हैं। इस समय साफ-सफाई का ध्यान रखना भी जरूरी होता है, क्योंकि मौसम बदलते ही बैक्टीरिया जनित बीमारियां भी शुरू हो जाती हैं।
बच्चे को मौसमी सब्जियां और फल जरूर खिलाएं। बच्चे को जब भी दूध पिलाएं, उसमें हल्की-सी हल्दी मिलाएं। इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। आहार में विटामिन सी वाले फल जरूर शामिल करें। च्यवनप्राश औषधीय गुणों से भरपूर होता है, जो बीमारियों को दूर रखने में मदद करता है, इसलिए बच्चे को जरूर खिलाएं। बच्चे को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने को कहें। इससे वह डिहाइड्रेशन का शिकार होने से बच जाएगा।
बच्चे को उम्र के हिसाब से सभी वैक्सीन दिलाती रहें, ताकि मौसम बदलने के कारण उसे किसी भी तरह का फ्लू न हो। बच्चे को खांसते समय अपना मुंह ढंकना और बार-बार हाथ धोना सिखाएं, खासकर खाना खाने से पहले और उसके बाद में। बच्चे अगर अपनी आंख, नाक, कान छुए तो उसे ऐसा करने से मना करें। इससे संक्रमण फैल सकता है। बच्चे के आस-पास की जगह और सामानों की सफाई करती रहें, क्योंकि इसके जरिये भी संक्रमण फैल सकता है। उसे भरपूर नींद लेने दें, ताकि वह रिलेक्स रहे और कम बीमार पड़े।
संक्रमण का सबसे ज्यादा खतरा
महारानी लक्ष्मी बाई मेडिकल कॉलेज, झांसी के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अनुकृति सिंह बताती हैं, मौसम बहुत तेजी से बदल रहा है, इसलिए हमें सेहत का विशेष ध्यान रखना चाहिए। हमें अभी गरम कपड़े पहनना छोड़ना नहीं चाहिए, क्योंकि इस मौसम में ही ठंड लगने का सबसे ज्यादा खतरा होता है। हमें आहार का विशेष ध्यान रखना चाहिए। पौष्टिक आहार खाने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और हम बीमार होने से बचे रहते हैं।
ठंडी आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक और बाहर के खाने से परहेज करना चाहिए। यह बीमार कर सकते हैं। इस मौसम में बच्चों का भी ध्यान रखें। उन्हें सर्दी-जुकाम हो जाता है, इसलिए उन्हें घर का ताजा भोजन ही दें। फास्ट फूड देने से बचें। आहार में मौसमी फल और सब्जियों का सेवन जरूर करें। पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं। सुबह-शाम गुनगुने पानी का सेवन भी कर सकती हैं। बच्चे या वृद्ध इस समय अपना ज्यादा ध्यान रखें। बाहर निकलने से पहले मास्क और रुमाल का इस्तेमाल करें। सांस के मरीज घर से बाहर निकलते समय सावधानियां बरतें, क्योंकि इस समय संक्रमण होने का खतरा सबसे ज्यादा होता है।
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