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मोटी महिलाओं में देर से पता चलता है स्तन कैंसर, जानिए इसकी वजह

Wed, 22 Nov 2017 08:20 AM IST
amarujala.com- Presented by: मंजू ममगाईं
amarujala.com- Presented by: मंजू ममगाईं Updated Wed, 22 Nov 2017 08:20 AM IST
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Do You Know Why Breast Cancer detected late in obese women
शोधकर्ताओं का कहना है कि मोटी महिलाओं को स्तन कैंसर का पता लगाने के लिए कम समय के अंतराल में जांच (मैमोग्राम) करवाते रहना चाहिए ताकि सही समय पर गांठों का पता लगाकर इलाज किया जा सके। हालांकि विषेशज्ञों ने कहा है कि इस अध्ययन की पुष्टि के लिए और सबूत चाहिेए।


ब्रिटेन में 50 से 70 साल की उम्र वाली महिलाओं को हर तीन महीने में स्क्रीनिंग के लिए बुलाया जाता है। उदाहरण के लिए ये ऐसी महिलाएं होती हैं जिनके परिवार में स्तन कैंसर का इतिहास रहा हो। ज्यादा वजन के कारण महिलाओं को स्तन कैंसर का खतरा रहता है, लेकिन फ़िलहाल इस आधार पर स्क्रीनिंग अंतराल को तय नहीं किया जाता।
Do You Know Why Breast Cancer detected late in obese women
मोटापे से खतरा
द करोलिंकसा इंस्टीट्यूट के इस अध्ययन में उन 2,012 महिलाओं को शामिल किया गया जिन्हें 2001 से 2008 के बीच स्तन कैंसर हुआ था। ये महिलाएं हर 18 महीने से दो साल के बीच मैमोग्राम कराती थीं। स्वीडन में इतने अंतराल को मानक माना जाता है। शोधकर्ताओं ने इलाज के दौरान गांठ का आकार और महिला के बॉडी मास इंडेक्स (मोटापे का पैमाना) का अध्ययन किया। टीम ने पाया कि ज़्यादा वज़न वाली महिलाओं में मैमोग्राम जांच के समय गांठ का पता चला।

अध्ययन की अगुवाई कर रहे फ़्रेड्रिक स्ट्रैंड ने बीबीसी को बताया कि ऐसा शायद इसलिए हुआ क्योंकि मोटी महिलाओं के स्तन ज्यादा बड़े थे, इसलिए गांठ का पता लगाना मुश्किल था या फिर उनमें गांठ तेज़ी से विकसित हुई।बड़ी हो चुकी गांठों का पूर्वानुमान लगाना आसान नहीं होता।
Do You Know Why Breast Cancer detected late in obese women
डॉ. स्ट्रांग कहते हैं, 'अध्ययन का नतीजा ये बताता है कि जब डॉक्टर मरीज को स्तन कैंसर के बारे में बताता है तो उस समय बॉडी मास इंडेक्स का जरूर ध्यान रखना चाहिेए'। उनके मुताबिक, अध्ययन ये भी बताता है कि अधिक बॉडी मास इंडेक्स की महिलाओं को थोड़े-थोड़े अंतराल पर स्क्रीनिंग कराना चाहिेए लेकिन ब्रिटेन की कैंसर रिसर्चर सोफ़िया लॉज कहती हैं, 'ये अध्ययन स्क्रीनिंग अंतराल के बारे में पर्याप्त तथ्य मुहैया नहीं कराता है'।
 
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Do You Know Why Breast Cancer detected late in obese women
स्क्रीनिंग के नुकसान और फ़ायदे दोनों हैं
सोफ़िया लॉज कहती हैं कि कम उम्र में कैंसर की पहचान किए जाने में ये तकनीक मददगार है, लेकिन इसे कराने वाली ऐसी महिलाएं भी मिलीं जिनके परिवार में कोई हिस्ट्री न होने के बावजूद उनमें ये बीमारी पाई गई। वो कहती हैं कि स्क्रीनिंग के अंतराल को इस तरह से तय किया जाता है कि नुकसान की तुलना में लाभ अधिक हो।
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