रोग- प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो, यह इसलिए भी आवश्यक है ताकि कोरोना ही नहीं अन्य कोई भी बीमारी शरीर को छू सकेगा। शरीर में सर्द हवाओं के कारण जुकाम हो जाना बहुत आम बात है। बार-बार जुकाम के होने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहद कमजोर हो जाती है इसलिए बहुत जरूरी है कि प्रतिदिन योग का थोड़ी ही देर के लिए पर अभ्यास अवश्य करें। काढ़ा आदि पीकर भी वैसे तो रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाई जा सकती है लेकिन यह सबके शरीर पर एक जैसा काम नहीं करता है इसलिए हम आपको अगली स्लाइड्स के माध्यम से बताने जा रहे हैं कुछ ऐसे आसान आसन जिनको करने से आपकी रोग- प्रतिरोधक क्षमता हो जाएगी विकसित। इन आसनों का अभ्यास लंबी- गहरी श्वास लेते हुए करें।
सर्दियों में रोग- प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए करें ये आसन, शरीर रहेगा एकदम स्वस्थ
भुजंगासन
भुजांगासन सांप के उठे हुए फन के जैसा दिखता है इसलिए इसे सांपासन या सर्पआसन भी कहा जाता है। भुजंगासन सूर्य नमस्कार आसन का हिस्सा है। लेटकर शरीर को आगे से उठाकर इसका अभ्यास 15-30 सेकेंड या 5-10 लंबी सांसें लेने तक किया जा सकता है। सर्दियों में इसे करने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती तो है ही साथ ही तनाव से भी छुटकारा मिलता है। प्रतिदिन करने से रक्त संचार भी बढ़ता है।
त्रिकोणासन
इस आसन को करने पर त्रिभुज जैसी आकृति बनती है, यही वजह है कि इसे यह नाम मिला। ये रोग- प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले सबसे अच्छे आसनों में से एक है। इसे करना आसान भी है। आसन का अभ्यास सुबह के समय खाली पेट किया जाना चाहिए नहीं तो इसके विपरीत परिणाम भी हो सकते हैं। यह शरीर में रक्त संचार तो सुधारता ही है। साथ ही पाचन तंत्र को भी बेहतर बनाता है।
ताड़ासन
ताड़ासन बहुत सरल आसन है। इसे कोई भी व्यक्ति आसानी से करता है। इस योग आसन को माउंटेन पोस भी कहा जाता है। इस मुद्रा को दिन में किसी भी समय किया जा सकता है, सिर्फ सुबह करने का ऐसा कोई नियम नहीं हे। इस आसन को करते समय इस बात ध्यान रखें कि उस समय आपका पेट खाली हो। ताड़ासन पाचन तंत्र को सुचारू कर आपकी प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।
मकरासन के साथ शवासन
रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए मकरासन का अभ्यास जरूर करें। इसे करने के बाद 30 सेकंड तक शवासन भी करें। इस दौरान लंबे गहरी श्वास लें। ऐसा करने से शरीर को पर्याप्त प्राणवायु मिलती है। जब पर्याप्त प्राणवायु मिलती है तो रोग-प्रतिरोधक क्षमता और भी बेहतर होती है। इसे करने से सर्दियों के दिनों में शरीर में होने वाली अकड़न भी मिट जाती है।