Yoga Tips: गलत लाइफस्टाइल के कारण कई तरह की शारीरिक समस्याएं हो जाती हैं। दिनभर डेस्क वर्क करने और शारीरिक सक्रियता न होने से गर्दन और कंधे में अकड़न की समस्या होने लगती है। लंबे समय तक एक ही पोजीशन में बैठना, गलत बॉडी पोस्चर, भारी सामान उठाने से भी गर्दन और कंधे बुरी तरह प्रभावित हो सकते हैं। कई बार यह समस्या इतनी बढ़ जाती है कि गर्दन मोड़ने या रोजमर्रा के काम करने में परेशानी होने लगती है। गर्दन या कंधे में अकड़न व दर्द की समस्या से निजात पाने के लिए अक्सर लगो पेन किलर्स का सहारा लेते हैं। दवाओं के सेवन से कुछ समय के लिए तो आराम मिल जाता है लेकिन लंबे समय के लिए इस समस्या को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। योग विशेषज्ञ कहते हैं कि कुछ योगासनों के अभ्यास से शरीर संबंधी कई परेशानियां और दर्द व अकड़न की समस्या से राहत मिल सकता है। ऐसे में गर्दन और कंधे के दर्द से राहत पाने के लिए कुछ योगासनों का अभ्यास कर सकते हैं।
Yoga Tips: गर्दन और कंधे की अकड़न से छुटकारा पाने के लिए करें इन योगासनों का अभ्यास
इस आसन के अभ्यास से शरीर की मांसपेशियों में खिचाव आता है और दर्द से राहत मिलती है। शलभासन करने के लिए जमीन पर पेट के बल लेटकर हथेलियों को जांघों के नीचे रखें। सिर, गर्दन और मुंह को सीधा रखते हुए लंबी गहरी सांस लें और फिर दोनों पैरों को एक साथ ऊपर की तरफ उठाने की कोशिश करें। कुछ सेकेंड इसी अवस्था में रहें और फिर धीरे से पैरों को नीचे लाते हुए सांस छोड़ें और सामान्य स्थिति में आ जाएं।
उष्ट्रासन
इस आसन के अभ्यास के लिए जमीन पर घुटने के बल बैठकर दोनों हाथों को कूल्हों पर रखते हुए दोनों घुटने कंधों के समानांतर लाएं। पूरा दबाव नाभि में महसूस करते हुए हाथों को पैरों को पकड़ें और कमर को पीछे की तरह मोड़ें। इस पोजिशन में लगभग 1 मिनट रुकने की कोशिश करते हुए सामान्य अवस्था में आ जाएं। इस आसन को 4-5 बार दोहराएं।
धनुरासन
धनुरासन का अभ्यास काफी फायदेमंद है। इस आसन को करने के लिए पेट के बल लेटकर हाथों को सीधा रखें। अब घुटनों को मोड़ते हुए सांस छोड़ें। एड़ी को पीठ की ओर लाते हुए धनुषाकार बनाएं और पैरों को हाथों से पकड़ें। गहरी सांस लेते हुए छाती को जमीन से ऊपर उठाएं। इस आसन को 5-10 बार दोहराएं।
नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं। गर्भावस्था में योग को लेकर डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।