धनतेरस से लेकर दीपावली-भाई दूज और छठ पूजा तक, त्योहारों का यह सीजन उत्साह और उमंग का अंबार लेकर आता है। मिठाइयां और तरह-तरह के पकवान इन त्योहारों को और भी खास बना देते हैं। पर इसके साथ ही विशेषज्ञ, सभी लोगों को सेहत का भी ध्यान देते रहने की भी सलाह देते हैं। विशेषकर जिन लोगों को पहले से ही डायबिटीज की समस्या है उनके लिए आहार में होने वाली थोड़ी से भी गड़बड़ी कई प्रकार की चुनौतियों का कारण बन सकती है।
Diwali 2022: त्योहारी सीजन में भी ब्लड शुगर रहेगा कंट्रोल, इन योगासनों का अभ्यास करके पा सकते हैं लाभ
डायबिटीज रोगी करें धनुरासन का अभ्यास
ब्लड शुगर को बढ़ने से रोकने के लिए धनुरासन योग का अभ्यास करना विशेष लाभकारी माना जाता है। इस योग से अग्न्याशय को मजबूत करने और इसके कार्यों को ठीक रखने में मदद मिल सकती है। कैलोरी को बर्न करते रहना डायबिटीज रोगियों के लिए आवश्यक माना जाता है, इस योग के माध्यम से आसानी से कैलोरी बर्न किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, यह योग मुद्रा पेट की मांसपेशियों को मजबूत करने, पाचन को बढ़ावा देने और पेट में ऐंठन को रोकने में भी आपके लिए काफी सहायक हो सकती है।
हलासन योग से मिलता है लाभ
हलासन योग को प्लो पोज के नाम से भी जाना जाता है, इस अभ्यास के लिए लेट कर पैरों को सिर की तरफ लाने का अभ्यास किया जाता है। डायबिटीज के रोगियों को इस अभ्यास से विशेष लाभ मिल सकता है। थायरॉयड ग्रंथि को उत्तेजित करने, रक्त परिसंचरण को बढ़ाने और तनाव को कम करने में यह अभ्यास मदद करती है। इसके चिकित्सीय प्रभाव पीठ दर्द, सिरदर्द और अनिद्रा को दूर करने में भी देखे गए हैं। अतिरिक्त कैलोरी को बर्न करके ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखने के लिए भी इसका अभ्यास करना लाभकारी माना जाता है।
विपरीत करणी (लेग्स अप वॉल पोज़) योग से मिलता है लाभ
पैरों को दीवार के सहारे ऊपर उठाने वाली इस योग मुद्रा को अग्न्याशय जैसे आपके आंतरिक अंगों को उत्तेजित करने के लिए फायदेमंद माना जाता है। ऐसे में यह मुद्रा मधुमेह को नियंत्रित करने में विशेष रूप से लाभकारी हो सकती है। नियमित रूप से इस मुद्रा का अभ्यास करने से रक्तचाप और रक्त शर्करा के स्तर को कंट्रोल रखने में भी मदद मिल सकती है। लेग्स अप वॉल पोज़, रक्त परिसंचरण में सुधार करने और ऊर्जा के स्तर को बेहतर रखने में सहायक है।
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नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।
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