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Alert: खुद को ऐसे बचाएं खतरनाक निपाह वायरस से, इस जगह पर बिल्कुल न जाएं
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 26 May 2018 02:00 PM IST
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KERALA NIPAH VIRUS
- फोटो : self
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खतरनाक निपाह वायरस फैलता ही जा रहा है। अगर आप भी खुद को इससे बचाना चाहते हैं तो ये तरीके अपनाएं, एक जगह पर बिल्कुल न जाएं।
Nipah Virus
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) चंडीगढ़ चैप्टर ने शुक्रवार को निपाह वायरस संक्रमण पर एक एडवाइजरी जारी की। आईएमएए चंडीगढ़ के प्रेसिडेंट डॉ. नीरज कुमार के मुताबिक मीडिया और सोशल मीडिया में निपाह के बारे में काफी कवरेज आ रही है। इसे लेकर अधिक घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि सोशल मीडिया पर कई जानकारियां बिना तथ्यों के प्रकाशित हो रही हैं।
निपाह वायरस
डॉ. नीरज कुमार के मुताबिक निपाह वायरस आमतौर पर फल खाने वाले चमगादड़ों द्वारा फैलाया जाता है, जो घरेलू जानवरों जैसे सुअर, घोड़ों आदि को संक्रमित करता है। ऐसे जानवरों के निकट आने पर मनुष्य भी संक्रमित हो जाते हैं। संक्रमित चमगादड़ों के आंशिक रूप से खाए गए फल खाने से भी संक्रमण फैलता है। डॉ. नीरज ने कहा रि इसके प्रारंभिक लक्षण अधिक स्पष्ट नहीं होते हैं।
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nipah virus
प्रभावित मरीजों को अचानक ही तेज बुखार, सिरदर्द, मांसपेशी दर्द, दस्त और उल्टी की शिकायत होने लगती है। गर्दन में अकड़न और फोटोफोबिया भी हो सकता है। यह रोग तेजी से बढ़ता है। चेतना में गिरावट के साथ पांच से सात दिनों के भीतर मरीज को कोमा की तरफ ले जाता है।
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ये सावधानियां भी बरतें
1. घबराओ मत। अब तक रोग केरल के कुछ जिलों में स्थानीय तौर पर फैला है। 2. फलों के पेड़ पर चढ़ने और फलों को खुद तोड़ने से बचें। 3. जमीन से आधे खाए हुए फल लेने से बचें। 4. फलों को अच्छी तरह से धोकर खाएं और हो सकें तो उसका छिलका उतार दें। 5. सुअरों और कच्चे सुअर के मांस खाने से बचें।
6. ऊपर बताए गए कोई भी लक्षण मिलते हैं तो डाक्टर को रिपोर्ट करें। 7. केरल के प्रभावित क्षेत्रों की यात्रा करने से बचें।
1. घबराओ मत। अब तक रोग केरल के कुछ जिलों में स्थानीय तौर पर फैला है। 2. फलों के पेड़ पर चढ़ने और फलों को खुद तोड़ने से बचें। 3. जमीन से आधे खाए हुए फल लेने से बचें। 4. फलों को अच्छी तरह से धोकर खाएं और हो सकें तो उसका छिलका उतार दें। 5. सुअरों और कच्चे सुअर के मांस खाने से बचें।
6. ऊपर बताए गए कोई भी लक्षण मिलते हैं तो डाक्टर को रिपोर्ट करें। 7. केरल के प्रभावित क्षेत्रों की यात्रा करने से बचें।