शरीर और मन के बेहतर संतुलन को बनाए रखने के लिए योग-प्राणायाम का नियमित अभ्यास करना फायदेमंद माना जाता है। प्राणायाम आपके मानसिक स्वास्थ्य के साथ कार्यक्षमता और उत्पादकता को भी बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। भ्रामरी प्राणायाम ऐसा ही एक चमत्कारी अभ्यास माना जाता है, जिससे शरीर को अनगिनत स्वास्थ्य लाभ हो सकते हैं। भ्रामरी प्राणायाम का नाम मधुमक्खियों से लिया गया है, असल में इस अभ्यास के दौरान मधुमक्खी की तरह गुनगुनाहट जैसी आवाज आती है। चिंता और गुस्से को शांत करने से लेकर, नकारात्मक भावनाओं को कम करने तक के लिए भ्रामरी प्राणायाम का अभ्यास आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।
आज का योग: भ्रामरी प्राणायाम के हैं अद्भुत स्वास्थ्य लाभ, ऐसे लोगों को जरूर करना चाहिए अभ्यास
भ्रामरी प्राणायाम कैसे किया जाता है?
योग विशेषज्ञ बताते हैं, भ्रामरी प्राणायाम सेहत के लिए कई तरह से लाभदायक माना जाता है, साथ ही इसका अभ्यास भी काफी आसान है। सांस के इस अभ्यास के लिए किसी शांत स्थान पर आंखें बंद करके बैठ जाएं। अब अपनी तर्जनी उंगलियों को दोनों कानों पर रखें और मुंह बंद रखते हुए नाक से ही सांस लें और छोड़ें। सांस छोड़ने के दौरान ऊँ का उच्चारण भी कर सकते हैं। इस प्रकिया को 5 से 7 बार दोहराएं। समय के साथ इस समय को बढ़ा सकते हैं।
भ्रामरी प्राणायाम करने के क्या लाभ हैं?
योग विशेषज्ञ बताते हैं, भ्रामरी प्राणायाम का नियमित अभ्यास आपके शारीरिक-मानसिक दोनों ही तरह की सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है।
- यह तनाव को कम करने का सबसे अच्छा उपचार है। यह आपके दिमाग को शांति देता है।
- भ्रामरी प्राणायाम रक्तचाप को कम करता है, जिससे उच्च रक्तचाप से राहत मिलती है।
- यह मस्तिष्क संबंधी समस्याओं को भी दूर करता है, जिससे बेहतर नींद आती है।।
- यह नसों को शांत करता है।
- भ्रामरी प्राणायाम पीनियल और पिट्यूटरी ग्रंथियों को उत्तेजित करके उन्हें लाभ पहुंचाता है।
- भ्रामरी प्राणायाम का अभ्यास क्रोध को शांत करने में मदद करता है।
- यह हार्ट ब्लॉकेज को रोकता है।
- यह गहरी नींद को प्रेरित करने में मदद करता है।
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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
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