Yoga Tips For Elders: उम्र बढ़ने के साथ शरीर में लचीलापन, मांसपेशियों की ताकत और संतुलन में धीरे-धीरे बदलाव आ सकता है। ऐसे में फिट रहने के लिए बहुत कठिन एक्सरसाइज करने के बजाय अपनी क्षमता के अनुसार हल्की शारीरिक गतिविधि और योग को दिनचर्या में शामिल किया जा सकता है।
50 की उम्र के बाद योग करते समय सबसे जरूरी बात यह है कि आसन शरीर की क्षमता और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार किए जाएं। शुरुआत हमेशा धीरे करें और किसी भी आसन के दौरान दर्द या असहजता महसूस होने पर रुक जाएं। ताड़ासन, वज्रासन, मार्जरी आसन, बालासन, भुजंगासन और शवासन जैसे अपेक्षाकृत सरल योग अभ्यास शुरुआती लोगों के लिए उपयोगी हो सकते हैं, लेकिन हर व्यक्ति की जरूरत अलग होती है।
अगर पहले से कोई स्वास्थ्य समस्या, चोट, चक्कर आने की समस्या या जोड़ संबंधी परेशानी है, तो योग शुरू करने से पहले विशेषज्ञ या प्रशिक्षित योग शिक्षक से सलाह लेना बेहतर है। योग को नियमित दिनचर्या का हिस्सा बनाने से शरीर को सक्रिय रखने और मानसिक रूप से रिलैक्स महसूस करने में मदद मिल सकती है।
आइए जानते हैं 50 की उम्र के बाद किए जा सकने वाले कुछ आसान योगासन और इन्हें करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
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ताड़ासन
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ताड़ासन
ताड़ासन एक सरल खड़े होकर किया जाने वाला आसन है। इसमें शरीर को सीधा रखते हुए पैरों और रीढ़ की स्थिति पर ध्यान दिया जाता है।
यह शुरुआती लोगों के लिए शरीर की मुद्रा और संतुलन पर काम करने का एक आसान अभ्यास हो सकता है। इसे को धीरे-धीरे और नियमित रूप से दिनचर्या में शामिल किया जा सकता है। ताड़ासन, वज्रासन, मार्जरी आसन, करते समय जल्दबाजी न करें और संतुलन बिगड़ने पर सहारा लें।
वज्रासन
वज्रासन में घुटनों को मोड़कर बैठा जाता है। यह अपेक्षाकृत सरल आसन है, लेकिन जिन लोगों को घुटनों या पैरों में दर्द की समस्या है, उन्हें इसे सावधानी से करना चाहिए। अगर बैठने में परेशानी हो तो जबरदस्ती मुद्रा में न जाएं।
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मार्जरी आसन
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मार्जरी आसन
मार्जरी आसन में हाथों और घुटनों के सहारे शरीर की मुद्रा को धीरे-धीरे बदला जाता है। यह रीढ़ की हल्की गतिशीलता के लिए किया जाता है। इसे बहुत धीरे करें और कमर या गर्दन पर दबाव महसूस होने पर रुक जाएं।
बालासन
बालासन एक आरामदायक योग मुद्रा मानी जाती है। इसमें शरीर को आगे की ओर झुकाकर विश्राम की स्थिति बनाई जाती है। अगर घुटनों या कूल्हों में परेशानी है, तो इस आसन को करने से पहले योग विशेषज्ञ से सही मुद्रा के बारे में पूछना बेहतर है।