शरीर को स्वस्थ और दीर्घायु बनाने के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को नियमित रूप से योग और व्यायाम करने की सलाह देते हैं। योग में प्राणायाम को सेहत के लिए विशेष लाभकारी माना जाता है। इसमें भी अनुलोम-विलोम योग के अभ्यास को स्वास्थ्य विशेषज्ञ सबसे फायदोमंद मानते हैं। अध्ययनों से पता चलता है कि इसके नियमित अभ्यास से श्वास और रक्त परिसंचरण को ठीक रखने सहित कई शारीरिक और मनोवैज्ञानिक लाभ हो सकते हैं।
आज का योग: सभी लोगों के लिए विशेष लाभदायक है अनुलोम-विलोम का नियमित अभ्यास, जानिए इसके फायदे
कैसे करें यह अभ्यास
योग विशेषज्ञों के मुताबिक किसी भी योग से अधिकतकम लाभ प्राप्त करने के लिए उसका सही तरीके से अभ्यास करना आवश्यक होता है। इस आसन को करने के लिए भी सबसे पहले शरीर को एकदम से सीधा रखते हुए ध्यानपूर्वक में बैठ जाएं। बाएं हाथ से ज्ञान मुद्रा बनाकर दाएं हाथ के अंगूठे से दाईं नासिका को बंद करें और बाईं नासिका से श्वास भरें। अब बाई नासिका बंद करें और दाईं नासिका से श्वास छोड़ें। इस क्रिया को अब दूसरी नाक से दोहराएं।
सांस की समस्याओं में लाभदायक
अध्ययनों के अनुसार अनुलोम विलोम का अभ्यास फेफड़ों के कार्य और सहनशक्ति में सुधार कर सकता है। साल 2019 के एक समीक्षा लेख में पाया गया कि फेफड़ों की कार्यक्षमता को बढ़ाने के लिए अनुलोम विलोम का अभ्यास एक प्रभावी तरीका हो सकता है। वहीं एक अन्य अध्ययन में पाया गया कि दिन में 30 मिनट तक इस अभ्यास को करने से साइनस की सूजन (राइनोसिनसिसिटिस) में सुधार हो सकता है।
मस्तिष्क की कार्यक्षमता के बढ़ाता है
96 मेडिकल छात्रों पर किए गए एक अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पाया कि अनुलोम विलोम का अभ्यास चिंता और तनाव जैसी मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं में उल्लेखनीय सुधार कर सकता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इसका रोजाना अभ्यास करने से मस्तिष्क की क्षमता बढ़ती है साथ ही अवसाद जैसी समस्याओं का खतरा कम होता है।
हृदय रोगियों के लिए लाभदायक
साल 2011 और 2013 में किए गए अध्ययनों में पाया गया कि अनुलोम विलोम का अभ्यास रक्तचाप और हृदय गति को कम करने के साथ हृदय के कार्यों पर सकारात्मक प्रभाव डालता है। जिन लोगों ने तीन महीने तक अनुलोम विलोम का रोजाना अभ्यास किया उनके रक्तचाप के स्तर में विशेष सुधार देखा गया।
--------------------------
नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।